फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Standards ignored, lives at risk... action limited to notices.

Banda News: मानक दरकिनार, खतरे में जान... कार्रवाई नोटिसों तक सीमित

Wed, 24 Jun 2026 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 24 Jun 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
Standards ignored, lives at risk... action limited to notices.
बांदा। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुई दर्दनाक घटना ने कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद जिले की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। यहां भी मानकों को दरकिनार करके कोचिंग और संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। जिससे लोगों को जान का खतरा है। बात करें कोचिंग सेंटरों की तो 68 पंजीकृत और बड़ी संख्या में अपंजीकृत कोचिंग सेंटर ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं, जो सुरक्षा और भवन मानकों की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। विभागीय अधिकारी जांच और नोटिस जारी करने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। शहर के डीएम कॉलोनी, स्वराज कॉलोनी, इंदिरा नगर आदि स्थानों में कई संस्थान ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त निकास द्वार हैं और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम। पेश है पड़ताल करती रिपोर्ट...
विज्ञापन




केस-1-जर्जर कमरे में कोचिंग, आग लगी तो बचना मुश्किल



शहर में डीएम कॉलोनी के पास जर्जर कमरे में कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। एक बार में 50 बच्चों का बैच रहता है। सुबह से शाम तक कई बैच संचालित होते हैं। यहां न तो अग्निशमन उपकरण हैं और न ही अलग निकासी व्यवस्था। कमरा भी इतना जर्जर है कि कभी भी यहां हादसा होने पर किसी का बच पाना मुश्किल है। यह कोचिंग डीएम कॉलोनी के पास है और यहां से अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है, पर किसी की नजर इस पर नहीं पड़ती।
विज्ञापन




केस-2-सीढ़ियां संकरी, हादसे का डर



डीएम कॉलोनी के पास ही संचालित हो रही मैथ्स की कोचिंग की सीढ़ियां संकरी हैं। इससे आपात स्थिति में फंसे लोगों को निकलना मुश्किल होगा। एनबीसी के मानक के अनुसार कोचिंग सेंटरों की सीढ़ियों की न्यूनतम चौड़ाई पांच फीट तक होनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में कई छात्र एक साथ इससे निकल सकें। इसके साथ ही सीढ़ियों के दोनों ओर 900 मिमी से एक हजार मिमी की ऊंचाई पर पकड़ने के लिए हैंडरेल होना चाहिए। कोचिंग सेंटर में आने व जाने के लिए दो अलग सीढ़ियां अनिवार्य हैं, पर इस कोचिंग सेंटर में एक भी नियम का पालन नहीं हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन




केस-3-अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं



शहर की नामचीन कोचिंग का हाल यह है कि यहां अग्नि सुरक्षा के ही मानक पूरे नहीं हैं। अग्निशमन विभाग समय-समय पर निरीक्षण और नोटिस जारी करता है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है। इस चर्चित कोचिंग संस्थान को भी फायर सेफ्टी मानकों में कमियां मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है, इसके बावजूद वहां नियमित रूप से कक्षाएं चल रही हैं। इससे विभागीय कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।



नोटिस जारी, लेकिन हो रहा संचालन



लखनऊ हादसे के बाद प्रशासनिक सक्रियता जरूर बढ़ी है। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार के अनुसार कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित है और हाल ही में 10 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अधिक प्रभावी निगरानी के लिए तहसील स्तर पर भी समितियां गठित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।



बेसमेंट में संचालित हो रहे ऑफिस



कोचिंग सेंटर ही नियमों को ताक पर नहीं रख रहे बल्कि बेसमेंट में भी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जो नियमों के अनुसार गलत है। शहर की कई बिल्डिंगों के बेसमेंट में किराए पर ऑफिस संचालित किए जा रहे हैं। नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार बेसमेंट का मुख्य उपयोग केवल पार्किंग, स्टोरेज (समान रखने), बैंक लॉकर, मशीनरी रूम, या एयर-कंडीशंड डार्क रूम के लिए ही किया जाना चाहिए, लेकिन स्वराज नगर में एक भाजपा नेता एक भवन के बेसमेंट में दफ्तर का संचालन होता मिला।




वर्जन



10 कोचिंग सेंटरों को पंजीकरण व नवीनीकरण के लिए नोटिस दिए गए हैं। अभी जिला स्तरीय कमेटी इनकी जांच करती है। अब तहसील स्तर पर भी कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।



दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed