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Banda News: चरित्रहीनता के चलते परिवार ने तोड़ा था रिश्ता

Sat, 13 Jun 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sat, 13 Jun 2026 01:13 AM IST
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The family had severed ties due to a lack of moral character.
फोटो - 15 अ​भिषेक सिंह। फाइल फोटो
बांदा। मंडल कारागार में आत्महत्या करने वाले बंदी अभिषेक का विवादों से पुराना नाता रहा है। परिजन के मुताबिक उसके आचरण और लगातार विवादित गतिविधियों के कारण परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। यही वजह रही कि जेल में रहने के दौरान उससे मिलने न तो माता-पिता पहुंचे और न ही अन्य रिश्तेदार।
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ग्राम प्रधान महेश यादव ने बताया कि अभिषेक कुछ वर्ष पहले गाजियाबाद की एक युवती को प्रेम-प्रसंग में फंसाकर अपने साथ ले आया था। मामले की जानकारी होने पर परिजनों ने स्वयं पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। बताया जाता है कि कुछ वर्ष बाद वह रिश्तेदार एक किशोरी को लेकर चला गया था। इस मामले में किशोरी के पिता ने अतर्रा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि इन घटनाओं के बाद परिवार और समाज में उसकी छवि खराब हो गई थी।
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चाचा ने जेल प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार



बांदा। मंडल कारागार में बंदी अभिषेक की मौत के बाद उसके चाचा रामजी ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जेल प्रशासन सतर्क रहता तो अभिषेक की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां पर्याप्त निगरानी व्यवस्था नहीं थी। रामजी ने कहा कि बंदियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जेलर रामरती का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और सभी तथ्यों को संकलित किया जा रहा है। बंदी की मौत के बाद कारागार प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गौरतलब है कि बीते दिनों पाक्सो में जेल में निरुद्ध नीतीश पाल की भी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। जिसे लेकर परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। वहीं, बांदा की हाई प्रोफाइल जेल हमेशा से विवादों में रही है।
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