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Banda News: रानीपुर टाइगर रिजर्व में चीतलों की संख्या 18 सौ पार
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:13 AM IST
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फोटो- 05सीकेटीपी 10 रानीपुर टाइगर रिजर्व में झुंड में चीतल। संवाद
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चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व में चीतलों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वन विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने में करीब 50 चीतलों की संख्या बढ़ी है। इससे कुल संख्या अब लगभग 18 सौ हो गई है, जो वन विभाग के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
पिछले वर्ष जून माह तक रिजर्व में करीब 14 सौ चीतल थे। अब पूरे वन क्षेत्र में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 18सौ हो गई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण शाकाहारी वन्य जीवों के लिए ग्रास लैंड तैयार करना है। जंगल में पेड़ों की संख्या बढ़ने से भी वन्य जीवों को अनुकूल वातावरण मिला है। उप विभागीय अधिकारी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि ग्रास लैंड के कारण ही चीतलों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग हर माह 50 चीतलों की संख्या बढ़ जाती है। यह रिजर्व वर्ष 2022 में मानिकपुर व मारकुंडी क्षेत्र में शुरू हुआ था।
चीतलों के लिए अनुकूल वातावरण
रानीपुर टाइगर रिजर्व का करीब 230 वर्ग किमी वन क्षेत्र चीतलों के रहने के लिए बेहद अनुकूल है। यहां उन्हें रहने और खाने के लिए पर्याप्त शाकाहारी आहार आसानी से मिल रहा है। वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ग्रास लैंड से इन शाकाहारी जीवों को भोजन की उपलब्धता में काफी वृद्धि हुई है। जंगल में पेड़ों की संख्या बढ़ने से भी वन्य जीवों के लिए बेहतर आवास और सुरक्षा बनी है। इन प्रयासों से चीतलों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
तेंदुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी
रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगल में तेंदुओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले महीने एक मादा तेंदुए ने दो शावकों को जन्म दिया था। इसके अलावा खीरी से भी एक तेंदुए को यहां लाकर छोड़ा गया है। इससे पहले प्रयागराज से एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने जंगल में छोड़ा था। पूरे रानीपुर टाइगर रिजर्व में अब करीब 80 तेंदुए होने का अनुमान है।
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पिछले वर्ष जून माह तक रिजर्व में करीब 14 सौ चीतल थे। अब पूरे वन क्षेत्र में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 18सौ हो गई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण शाकाहारी वन्य जीवों के लिए ग्रास लैंड तैयार करना है। जंगल में पेड़ों की संख्या बढ़ने से भी वन्य जीवों को अनुकूल वातावरण मिला है। उप विभागीय अधिकारी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि ग्रास लैंड के कारण ही चीतलों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग हर माह 50 चीतलों की संख्या बढ़ जाती है। यह रिजर्व वर्ष 2022 में मानिकपुर व मारकुंडी क्षेत्र में शुरू हुआ था।
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चीतलों के लिए अनुकूल वातावरण
रानीपुर टाइगर रिजर्व का करीब 230 वर्ग किमी वन क्षेत्र चीतलों के रहने के लिए बेहद अनुकूल है। यहां उन्हें रहने और खाने के लिए पर्याप्त शाकाहारी आहार आसानी से मिल रहा है। वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ग्रास लैंड से इन शाकाहारी जीवों को भोजन की उपलब्धता में काफी वृद्धि हुई है। जंगल में पेड़ों की संख्या बढ़ने से भी वन्य जीवों के लिए बेहतर आवास और सुरक्षा बनी है। इन प्रयासों से चीतलों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
तेंदुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी
रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगल में तेंदुओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले महीने एक मादा तेंदुए ने दो शावकों को जन्म दिया था। इसके अलावा खीरी से भी एक तेंदुए को यहां लाकर छोड़ा गया है। इससे पहले प्रयागराज से एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने जंगल में छोड़ा था। पूरे रानीपुर टाइगर रिजर्व में अब करीब 80 तेंदुए होने का अनुमान है।

फोटो- 05सीकेटीपी 10 रानीपुर टाइगर रिजर्व में झुंड में चीतल। संवाद