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Banda News: दो हफ्ते से नहीं आई बिजली, गांवों में जलापूर्ति ठप
Tue, 09 Jun 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:52 PM IST
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जसपुरा (बांदा)। बीते 28 मई की रात आए आंधी-तूफान में क्षेत्र में बड़े स्तर में बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। दो सप्ताह बाद भी न तो इन्हें ठीक कराया गया है और न बदला गया है। इससे कई गांवों व मजरों में बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न आने से ग्रामीणों के सामने पानी का संकट भी है। लोगों को एक-एक बाल्टी पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी विभागीय अधिकारी समाधान के लिए कोई कार्य नहीं करते।
क्षेत्र के बरेहटा गांव के मजरे भदवा धूर, बनवारी डेरा, मटेहना, दरबारी डेरा, घीहन डेरा, कुटी, पाल डेरा, बलकू डेरा, शिवरामपुर, डिप्पा डेरा, नया डेरा, फकीरा डेरा, हजारी डेरा, बंजारी डेरा, गणेश नगर, छनिहन डेरा, शिवपाल डेरा और सेमरा डेरा सहित कई बस्तियों में करीब 15 बिजली के पोल आंधी-तूफान में गिर गए थे। पोल गिरने से इन क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से घरों में लगे पानी के मोटर और अन्य जलापूर्ति साधन बंद हैं। भीषण गर्मी और उसम के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है।
ग्राम प्रधान उर्मिला देवी, प्रमोद निषाद, सुरीज पाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से बिजली संकट दूर कराने को कहा गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। कहा कि जल्द ही पोल नहीं बदले गए तो पानी का संकट और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के समाधान कराने की मांग की है।
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वहीं इस संबंध में एसडीओ ज्ञानेश कुमार ने कहा कि क्षतिग्रस्त बिजली के पोल व तार दुरुस्त कराने का कार्य जारी है। जल्द ही समस्याओं को दूर कराया जाएगा।
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क्षेत्र के बरेहटा गांव के मजरे भदवा धूर, बनवारी डेरा, मटेहना, दरबारी डेरा, घीहन डेरा, कुटी, पाल डेरा, बलकू डेरा, शिवरामपुर, डिप्पा डेरा, नया डेरा, फकीरा डेरा, हजारी डेरा, बंजारी डेरा, गणेश नगर, छनिहन डेरा, शिवपाल डेरा और सेमरा डेरा सहित कई बस्तियों में करीब 15 बिजली के पोल आंधी-तूफान में गिर गए थे। पोल गिरने से इन क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से घरों में लगे पानी के मोटर और अन्य जलापूर्ति साधन बंद हैं। भीषण गर्मी और उसम के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है।
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ग्राम प्रधान उर्मिला देवी, प्रमोद निषाद, सुरीज पाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से बिजली संकट दूर कराने को कहा गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। कहा कि जल्द ही पोल नहीं बदले गए तो पानी का संकट और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के समाधान कराने की मांग की है।
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वहीं इस संबंध में एसडीओ ज्ञानेश कुमार ने कहा कि क्षतिग्रस्त बिजली के पोल व तार दुरुस्त कराने का कार्य जारी है। जल्द ही समस्याओं को दूर कराया जाएगा।