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Banda News: चुनाव लड़ने की हसरत रखने वालों को संगठन की बागडोर नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 12 May 2026 11:43 PM IST
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फोटो - 17 नसीमुद्दीन सिद्दीकी।
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बांदा। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुंदेलखंड में अपनी जड़ें और मजबूत करने के लिए सपा ने संगठन में बदलाव की शुरुआत जनपद से की है। यहां जिलाध्यक्ष सहित जिला कार्यकारिणी और राज्य स्तरीय कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सभी फ्रंटल संगठन (प्रकोष्ठ) भी भंग कर दिए गए हैं। हाईकमान के इस फैसले की पृष्ठ भूमि में यहां अंदरूनी तौर पर चल रही गुटबाजी भी मानी जा रही है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सोमवार (11 मई) को बांदा के पूरे संगठन को भंग किए जाने का पत्र जारी किया है। मौजूदा में यहां डॉ. मधुसूदन कुशवाहा जिलाध्यक्ष थे। वह मार्च 2023 से यह पद संभाले थे। उनकी कार्यकारिणी में कुल 51 लोग शामिल थे। इनमें सदस्य मात्र 11 और शेष 40 पदाधिकारी थे। छह नेता प्रदेश की कार्यकारिणी में शामिल थे। कुछ फ्रंटल संगठनों के नेता भी प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी थे। अब यह सब हटा दिए गए हैं। जनपद में कई नेता राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में पद हासिल किए हुए हैं। इनमें पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद काफी अरसे से राष्ट्रीय महासचिव हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी राष्ट्रीय सचिव हैं। प्रदेश अध्यक्ष के पत्र में सिर्फ जिला और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी हटाए गए हैं।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पिछले माह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड के जिलाध्यक्षों से लखनऊ में मुलाकात के दौरान कहा था कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग संगठन के पद न लें। बांदा जिलाध्यक्ष ने चुनाव लड़ने और अध्यक्ष पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसकी खुद पुष्टि भी की है। हालांकि हाईकमान को यहां खेमेबाजी और पालाबंदी के चलते सपाइयों के अघोषित रूप से बंटे होने की खबरें मिल रही थीं। पार्टी के कार्यक्रमों, प्रदर्शनों में भी इसकी झलक दिख रही थी। विधानसभा चुनाव के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी और होड़ सपा में ही है। खुद को भावी प्रत्याशी जताने वाली होर्डिंग्स की भरमार है। महिला सपा नेत्री भी इसमें पीछे नहीं हैं। अब पूरी टीम भंग हो जाने के बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए कवायद तेजी पकड़ रही है।
इनसेट-
कोई गुटबाजी नहीं, सब एकजुट
निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा चुनावी हसरत के चलते दोबारा अपनी ताजपोशी से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा राष्ट्रीय अध्यक्ष को अनुरोधपूर्वक बता दी है। कहा कि यहां कोई गुटबाजी नहीं है। सब एकजुट हैं। हाईकमान का फैसला संगठन के हित में होता है।
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बांदा में सपा की स्थिति ठीक-ठाक
बांदा में सपा की स्थिति ठीक-ठाक है। यहां की सांसद कृष्णा देवी पटेल हैं। इनके अलावा बबेरू विधानसभा सीट से विशंभर सिंह यादव विधायक हैं। पूर्व मंत्री और राज्यसभा सदस्य रहे विशंभर प्रसाद निषाद भी सपा के रसूखदार नेताओं में हैं। अब इसी जिले के बाशिंदे पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के भी सपा में आ जाने से यह जिला सपा के लिए काफी अहम हो गया है। विधानसभा चुनाव में इन सबको अपनी ताकत दिखानी होगी।
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सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सोमवार (11 मई) को बांदा के पूरे संगठन को भंग किए जाने का पत्र जारी किया है। मौजूदा में यहां डॉ. मधुसूदन कुशवाहा जिलाध्यक्ष थे। वह मार्च 2023 से यह पद संभाले थे। उनकी कार्यकारिणी में कुल 51 लोग शामिल थे। इनमें सदस्य मात्र 11 और शेष 40 पदाधिकारी थे। छह नेता प्रदेश की कार्यकारिणी में शामिल थे। कुछ फ्रंटल संगठनों के नेता भी प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी थे। अब यह सब हटा दिए गए हैं। जनपद में कई नेता राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में पद हासिल किए हुए हैं। इनमें पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद काफी अरसे से राष्ट्रीय महासचिव हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी राष्ट्रीय सचिव हैं। प्रदेश अध्यक्ष के पत्र में सिर्फ जिला और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी हटाए गए हैं।
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पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पिछले माह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड के जिलाध्यक्षों से लखनऊ में मुलाकात के दौरान कहा था कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग संगठन के पद न लें। बांदा जिलाध्यक्ष ने चुनाव लड़ने और अध्यक्ष पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसकी खुद पुष्टि भी की है। हालांकि हाईकमान को यहां खेमेबाजी और पालाबंदी के चलते सपाइयों के अघोषित रूप से बंटे होने की खबरें मिल रही थीं। पार्टी के कार्यक्रमों, प्रदर्शनों में भी इसकी झलक दिख रही थी। विधानसभा चुनाव के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी और होड़ सपा में ही है। खुद को भावी प्रत्याशी जताने वाली होर्डिंग्स की भरमार है। महिला सपा नेत्री भी इसमें पीछे नहीं हैं। अब पूरी टीम भंग हो जाने के बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए कवायद तेजी पकड़ रही है।
इनसेट-
कोई गुटबाजी नहीं, सब एकजुट
निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा चुनावी हसरत के चलते दोबारा अपनी ताजपोशी से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा राष्ट्रीय अध्यक्ष को अनुरोधपूर्वक बता दी है। कहा कि यहां कोई गुटबाजी नहीं है। सब एकजुट हैं। हाईकमान का फैसला संगठन के हित में होता है।
बांदा में सपा की स्थिति ठीक-ठाक
बांदा में सपा की स्थिति ठीक-ठाक है। यहां की सांसद कृष्णा देवी पटेल हैं। इनके अलावा बबेरू विधानसभा सीट से विशंभर सिंह यादव विधायक हैं। पूर्व मंत्री और राज्यसभा सदस्य रहे विशंभर प्रसाद निषाद भी सपा के रसूखदार नेताओं में हैं। अब इसी जिले के बाशिंदे पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के भी सपा में आ जाने से यह जिला सपा के लिए काफी अहम हो गया है। विधानसभा चुनाव में इन सबको अपनी ताकत दिखानी होगी।

फोटो - 17 नसीमुद्दीन सिद्दीकी।

फोटो - 17 नसीमुद्दीन सिद्दीकी।

फोटो - 17 नसीमुद्दीन सिद्दीकी।