UP: खतरे में बांदा पुलिस की वर्दी? ‘मुठभेड़’ की कहानी पर गहराया शक, आधी रात अस्पताल पहुंचे तीन जज, पढ़ें मामला
Banda Police Encounter Case: बांदा में लूट के आरोपियों की मुठभेड़ पर परिजनों ने फर्जी होने का आरोप लगाकर हाईकोर्ट में याचिका दी है। कोर्ट के आदेश पर जिला जज ने देर रात अस्पताल पहुंचकर आरोपी के मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं।
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विस्तार
बांदा जिले के बदौसा थाना क्षेत्र में महिला से लूट के आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मुठभेड़ में घायल आरोपी आदेश के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जिन आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया।
उन्हें घटना के चार दिन पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जनपद न्यायालय से दो घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब कर ली। कोर्ट के आदेश के बाद जिला जज (डीजे) अल्पना व अपर जिला जज (एडीजे) और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) सोमवार देर शाम तकरीबन साढ़े नौ बजे अचानक जिला अस्पताल पहुंचे।
पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया
यहां उन्होंने ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल आरोपी से जुड़े अभिलेखों की मंगलवार रात आधे घंटे जांच की और मेडिकल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर वापस चले गए। न्यायिक अधिकारियों की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने जवाब तलब किया गया है।
यह था मामला
बीते रविवार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर निवासी आदेश को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था, जबकि उसके एक अन्य साथी उमेश को भी दबोचने का दावा किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी लूट की घटना में शामिल थे और जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी थी।
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
वहीं घायल आरोपी के परिजनों का कहना है कि पुलिस की कहानी पूरी तरह झूठी है। उनका आरोप है कि आरोपी को चार दिन पहले ही उठा लिया गया था और बाद में मुठभेड़ दिखाकर गोली मार दी गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हाईकोर्ट का आदेश प्राप्त हुआ है। बुधवार को जाकर अपना पक्ष रखेंगे। -पलाश बंसल, एसपी, बांदा