{"_id":"6a610ea923a6f74b430d4e54","slug":"three-convicted-of-life-threatening-attack-sentenced-to-seven-years-in-prison-banda-news-c-12-1-knp1100-1595670-2026-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सात साल कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सात साल कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-न्यायालय ने आरोपियों पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा।जिले के मटौंध थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में जानलेवा हमला करने वाले तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन दोषियों पर कुल 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 26 दिसंबर 2018 को मटौंध कस्बे में हुई थी। कस्बा निवासी अखिलेश, बरदानी और शोभा उर्फ सोबरन ने रतनलाल और बरातीलाल को जान से मारने की नीयत से अवैध तमंचे से फायर कर घायल कर दिया था। इस संबंध में मटौंध थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 204, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजीव प्रसाद सिंह ने मामले की विवेचना की थी। विवेचना के दौरान अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया और घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में प्रभावी पैरवी के प्रयासों से तीनों अभियुक्तों को न्यायालय बांदा द्वारा दोषी ठहराया गया। स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट डॉ. विकास श्रीवास्तव ने उन्हें सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 23 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा।जिले के मटौंध थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में जानलेवा हमला करने वाले तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन दोषियों पर कुल 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 26 दिसंबर 2018 को मटौंध कस्बे में हुई थी। कस्बा निवासी अखिलेश, बरदानी और शोभा उर्फ सोबरन ने रतनलाल और बरातीलाल को जान से मारने की नीयत से अवैध तमंचे से फायर कर घायल कर दिया था। इस संबंध में मटौंध थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 204, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजीव प्रसाद सिंह ने मामले की विवेचना की थी। विवेचना के दौरान अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया और घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
न्यायालय में प्रभावी पैरवी के प्रयासों से तीनों अभियुक्तों को न्यायालय बांदा द्वारा दोषी ठहराया गया। स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट डॉ. विकास श्रीवास्तव ने उन्हें सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 23 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विज्ञापन