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Banda News: जाली नोट गिरोह के तीन सदस्यों को तीन साल की सजा
Sat, 23 May 2026 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 23 May 2026 11:35 PM IST
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बांदा। जाली नोटों की खरीद-फरोख्त कर व्यापारियों को ठगने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तीन आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर श्रीपाल सिंह की अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास सुनाया है। साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
बबेरू थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक टीकाराम वर्मा ने 28 सितंबर 2015 को कपिल गुप्ता, पंकज और आलोक निवासी कोतवाली नगर बांदा को एक संगठित गिरोह का सदस्य बताया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह गिरोह अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए धन अर्जित करने में अभ्यस्त था। इनका मुख्य कार्य अवैध रूप से जाली नोटों की खरीद-फरोख्त करना और भोले-भाले व्यापारियों को झांसा देकर ठगी करना था।
इन तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंग चार्ट तैयार कर जिलाधिकारी से अनुमोदित कराया गया था, जिसके आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मामले की सुनवाई के दौरान 14 फरवरी 2020 को आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश श्रीपाल सिंह ने अपने 20 पृष्ठों के फैसले में गैंग का सरगना कपिल गुप्ता, पंकज और आलोक उर्फ रामजी को दोषी पाया। अदालत ने तीनों को भारतीय दंड विधान के तहत विभिन्न अपराधों में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है।
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बबेरू थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक टीकाराम वर्मा ने 28 सितंबर 2015 को कपिल गुप्ता, पंकज और आलोक निवासी कोतवाली नगर बांदा को एक संगठित गिरोह का सदस्य बताया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह गिरोह अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए धन अर्जित करने में अभ्यस्त था। इनका मुख्य कार्य अवैध रूप से जाली नोटों की खरीद-फरोख्त करना और भोले-भाले व्यापारियों को झांसा देकर ठगी करना था।
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इन तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंग चार्ट तैयार कर जिलाधिकारी से अनुमोदित कराया गया था, जिसके आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मामले की सुनवाई के दौरान 14 फरवरी 2020 को आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश श्रीपाल सिंह ने अपने 20 पृष्ठों के फैसले में गैंग का सरगना कपिल गुप्ता, पंकज और आलोक उर्फ रामजी को दोषी पाया। अदालत ने तीनों को भारतीय दंड विधान के तहत विभिन्न अपराधों में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है।
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