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Banda News: स्टेशन पर बनेंगे तीन नए प्लेटफॉर्म
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खैरार-अकोना दूसरी लाइन के सफल ट्रायल के बाद विस्तार प्रस्ताव तैयार
बुजुर्ग, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार यात्रियों के लिए लिफ्ट भी लगेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वर्षों से सीमित संसाधनों और बढ़ती यात्री संख्या का दबाव झेल रहा बांदा रेलवे स्टेशन अब बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। खैरार-अकोना नई दूसरी रेल लाइन के सफल ट्रायल और झांसी-मानिकपुर रेलखंड पर तेजी से चल रहे दोहरीकरण कार्य के बाद रेलवे ने स्टेशन के व्यापक विस्तार की तैयारी शुरू कर दी है। मंडल रेलवे ने बांदा स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों की संख्या मौजूदा दो से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ने के साथ ही यहां ट्रेनों के संचालन और ठहराव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ स्टेशन की श्रेणी का भी उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
वर्तमान में बांदा रेलवे स्टेशन एनएसजी-तीन श्रेणी में शामिल है। रेलवे में स्टेशन की श्रेणी यात्री संख्या और राजस्व के आधार पर तय की जाती है। श्रेणी उन्नयन के बाद स्टेशन को अधिक बजट और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल बांदा स्टेशन पर भले ही अभी बड़े निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए हैं, लेकिन दोहरीकरण परियोजना ने स्टेशन के भविष्य की नई तस्वीर तैयार कर दी है।
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रेलवे विभाग के अनुसार आने वाले वर्षों में बांदा स्टेशन बुंदेलखंड के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल होगा। नए प्रस्ताव के अनुसार स्टेशन परिसर में एक नया आधुनिक भवन प्रस्तावित है। इसमें स्टेशन निदेशक कार्यालय, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाना, जीआरपी थाना, टीटीई लॉबी और कंट्रोल रूम सहित विभिन्न विभागीय कार्यालयों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाएगा। इससे यात्रियों को पूछताछ, सुरक्षा और अन्य सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में स्टेशन पर केवल दो प्लेटफॉर्म हैं, जिन पर बढ़ती ट्रेनों और यात्रियों के कारण अक्सर दबाव बना रहता है। इसे देखते हुए प्लेटफॉर्म संख्या तीन व चार निर्माण की योजना तैयार की गई है, जबकि यार्ड रीमॉडलिंग के बाद कुल प्लेटफॉर्मों की संख्या पांच तक पहुंच जाएगी। नए प्लेटफॉर्म बनने से ट्रेनों के आवागमन और ठहराव में आसानी होगी। इससे प्लेटफॉर्मों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए मौजूदा फुट ओवर ब्रिज, जो अभी प्लेटफॉर्म एक और दो को जोड़ता है, उसका विस्तार कर नए प्लेटफॉर्मों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही स्टेशन पर लिफ्ट भी लगाई जाएगी, जिससे बुजुर्ग, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में सहूलियत मिलेगी। रेलवे कर्मचारियों के लिए भी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में लोको पायलट रनिंग रूम के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। कर्मचारियों के लिए टाइप-फोर आवास बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि टाइप-टू रनिंग रूम का निर्माण जारी है। झांसी-मानिकपुर और खैरार-भीमसेन रेलखंड पर करीब 4,329 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण परियोजना पर काम चल रहा है। ट्रैक से जुड़े कार्य पहले से जारी हैं।
महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन बनेगा बांदा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना केवल आधारभूत ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान भी साबित होगी। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर प्लेटफॉर्म, आसान आवागमन, आधुनिक सुविधाएं और अधिक सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा बांदा स्टेशन आने वाले समय में क्षेत्र के विकास, व्यापार और आवागमन को नई गति देगा।
वर्जन
खैरार-अकोना दूसरी रेल लाइन शुरू होने के बाद बांदा रेलवे स्टेशन के विस्तार का प्रस्ताव बनाया गया है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर पांच की जाएगी। साथ ही कई यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा। भविष्य में बांदा महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन साबित होगा।-मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल रेलवे
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बुजुर्ग, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार यात्रियों के लिए लिफ्ट भी लगेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वर्षों से सीमित संसाधनों और बढ़ती यात्री संख्या का दबाव झेल रहा बांदा रेलवे स्टेशन अब बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। खैरार-अकोना नई दूसरी रेल लाइन के सफल ट्रायल और झांसी-मानिकपुर रेलखंड पर तेजी से चल रहे दोहरीकरण कार्य के बाद रेलवे ने स्टेशन के व्यापक विस्तार की तैयारी शुरू कर दी है। मंडल रेलवे ने बांदा स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों की संख्या मौजूदा दो से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ने के साथ ही यहां ट्रेनों के संचालन और ठहराव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ स्टेशन की श्रेणी का भी उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
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वर्तमान में बांदा रेलवे स्टेशन एनएसजी-तीन श्रेणी में शामिल है। रेलवे में स्टेशन की श्रेणी यात्री संख्या और राजस्व के आधार पर तय की जाती है। श्रेणी उन्नयन के बाद स्टेशन को अधिक बजट और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल बांदा स्टेशन पर भले ही अभी बड़े निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए हैं, लेकिन दोहरीकरण परियोजना ने स्टेशन के भविष्य की नई तस्वीर तैयार कर दी है।
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रेलवे विभाग के अनुसार आने वाले वर्षों में बांदा स्टेशन बुंदेलखंड के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल होगा। नए प्रस्ताव के अनुसार स्टेशन परिसर में एक नया आधुनिक भवन प्रस्तावित है। इसमें स्टेशन निदेशक कार्यालय, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाना, जीआरपी थाना, टीटीई लॉबी और कंट्रोल रूम सहित विभिन्न विभागीय कार्यालयों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाएगा। इससे यात्रियों को पूछताछ, सुरक्षा और अन्य सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में स्टेशन पर केवल दो प्लेटफॉर्म हैं, जिन पर बढ़ती ट्रेनों और यात्रियों के कारण अक्सर दबाव बना रहता है। इसे देखते हुए प्लेटफॉर्म संख्या तीन व चार निर्माण की योजना तैयार की गई है, जबकि यार्ड रीमॉडलिंग के बाद कुल प्लेटफॉर्मों की संख्या पांच तक पहुंच जाएगी। नए प्लेटफॉर्म बनने से ट्रेनों के आवागमन और ठहराव में आसानी होगी। इससे प्लेटफॉर्मों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए मौजूदा फुट ओवर ब्रिज, जो अभी प्लेटफॉर्म एक और दो को जोड़ता है, उसका विस्तार कर नए प्लेटफॉर्मों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही स्टेशन पर लिफ्ट भी लगाई जाएगी, जिससे बुजुर्ग, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बीमार यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में सहूलियत मिलेगी। रेलवे कर्मचारियों के लिए भी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में लोको पायलट रनिंग रूम के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। कर्मचारियों के लिए टाइप-फोर आवास बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि टाइप-टू रनिंग रूम का निर्माण जारी है। झांसी-मानिकपुर और खैरार-भीमसेन रेलखंड पर करीब 4,329 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीकरण परियोजना पर काम चल रहा है। ट्रैक से जुड़े कार्य पहले से जारी हैं।
महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन बनेगा बांदा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना केवल आधारभूत ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान भी साबित होगी। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर प्लेटफॉर्म, आसान आवागमन, आधुनिक सुविधाएं और अधिक सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा बांदा स्टेशन आने वाले समय में क्षेत्र के विकास, व्यापार और आवागमन को नई गति देगा।
वर्जन
खैरार-अकोना दूसरी रेल लाइन शुरू होने के बाद बांदा रेलवे स्टेशन के विस्तार का प्रस्ताव बनाया गया है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर पांच की जाएगी। साथ ही कई यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा। भविष्य में बांदा महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन साबित होगा।-मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल रेलवे