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Banda News: पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ा, दो शावकों का जन्म हुआ
Sat, 04 Jul 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 04 Jul 2026 12:07 AM IST
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करतल (बांदा)। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना जिला के टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पीटीआर के ऐतिहासिक प्रजनन क्षेत्र धुंधुआ सेहा में बाघिन पी-652 ने दो शावकों को जन्म दिया है। दोनों शावकों की उम्र करीब 10 दिन बताई जा रही है दोनों स्वस्थ हैं। वन विभाग की विशेष टीम उनकी सुरक्षा एवं गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
धुंधुआ सेहा का नाम पहले भी बाघ संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2010 में इसी क्षेत्र में बाघिन टी-वन ने चार शावकों को जन्म दिया था। जिसने पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई थी। अब एक बार फिर इसी प्रजनन स्थल पर दो नए शावकों का जन्म यह साबित करता है कि पन्ना का जंगल बाघों के संरक्षण और प्रजनन के लिए अनुकूल एवं सुरक्षित बना हुआ है।
वन विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी शावकों और उनकी मां की नियमित निगरानी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि पन्ना टाइगर रिजर्व में बेहतर वन प्रबंधन, प्रभावी संरक्षण प्रयासों और प्राकृतिक आवास के सफल संरक्षण का परिणाम है। दो नए शावकों के आगमन से पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ वन्यजीव संरक्षण को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वीरेंद्र पटेल ने बताया कि दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। अपनी मां के साथ प्राकृतिक आवास में सुरक्षित हैं। प्रबंधन की ओर क्षेत्र की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शावकों का विकास बिना किसी व्यवधान के हो सके। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बाघों का कुनबा हुआ 115
पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मे इन दो शावकों के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर 115 हुआ है। रिजर्व टाइगर पन्ना में नर बाघ 26 है मादा बाघ 37 है सब एडल्ट बाघ 38 हैं शावक चार हैं अननोन बाघ आठ है और जन्मे दो शावक और मिलकर छह हो गए हैं।
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धुंधुआ सेहा का नाम पहले भी बाघ संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2010 में इसी क्षेत्र में बाघिन टी-वन ने चार शावकों को जन्म दिया था। जिसने पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई थी। अब एक बार फिर इसी प्रजनन स्थल पर दो नए शावकों का जन्म यह साबित करता है कि पन्ना का जंगल बाघों के संरक्षण और प्रजनन के लिए अनुकूल एवं सुरक्षित बना हुआ है।
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वन विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी शावकों और उनकी मां की नियमित निगरानी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि पन्ना टाइगर रिजर्व में बेहतर वन प्रबंधन, प्रभावी संरक्षण प्रयासों और प्राकृतिक आवास के सफल संरक्षण का परिणाम है। दो नए शावकों के आगमन से पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ वन्यजीव संरक्षण को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वीरेंद्र पटेल ने बताया कि दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। अपनी मां के साथ प्राकृतिक आवास में सुरक्षित हैं। प्रबंधन की ओर क्षेत्र की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शावकों का विकास बिना किसी व्यवधान के हो सके। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बाघों का कुनबा हुआ 115
पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मे इन दो शावकों के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर 115 हुआ है। रिजर्व टाइगर पन्ना में नर बाघ 26 है मादा बाघ 37 है सब एडल्ट बाघ 38 हैं शावक चार हैं अननोन बाघ आठ है और जन्मे दो शावक और मिलकर छह हो गए हैं।