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Banda News: बांदा और चित्रकूट जेल में बंद दो कैदी होंगे रिहा
Sun, 26 Jul 2026 11:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:19 PM IST
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बांदा। कारागार बांदा और चित्रकूट में निरुद्ध दो कैदियों को समय से पहले रिहा करने के आदेश राज्यपाल ने दिए हैं। दोनों कैदियों के अच्छे आचरण को देखते हुए उनकी समय से पहले रिहाई करने पर यह स्वीकृति मिली है।
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के गांव मैरी निवासी शिशुपाल यादव करीब 18 साल से बांदा की जेल में सजा काट रहा है। उसे 2010 में झांसी स्थित विशेष न्यायाधीश यूपी गैंगस्टर एक्ट कोर्ट से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी और वर्ष 2025 में हाईकोर्ट इलाहाबाद ने भी उसकी सजा को सही ठहराया था। शिशुपाल यादव बांदा कारागार में 18 साल से अधिक समय बिता चुका है। ऐसे में उसके रिहाई के लिए राज्यपाल से स्वीकृति मांगी गई थी।
इसी तरह से चित्रकूट जेल में बंद कोतवाली कर्वी के गांव तरौंहा निवासी रमेश कुशवाहा को नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश ने 2019 में 10 साल की कारावास की सजा सुनाई थी। इसमें रमेश कुशवाहा अब तक चित्रकूट में सात साल से अधिक समय बिता चुका है।
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राज्यपाल ने दोनों बंदियों के अच्छे आचरण पर उन्हें समय से पहले रिहा करने के आदेश दिए हैं। अगर दोनों कैदियों के खिलाफ न्यायालय में कोई अन्य प्रकरण लंबित नहीं है तो ही यह रिहाई की जाएगी। बांदा जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि अभी तक उन्हें यह आदेश नहीं मिल पाया है। शिशुपाल बांदा में 18 साल की सजा काट चुका है।
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झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के गांव मैरी निवासी शिशुपाल यादव करीब 18 साल से बांदा की जेल में सजा काट रहा है। उसे 2010 में झांसी स्थित विशेष न्यायाधीश यूपी गैंगस्टर एक्ट कोर्ट से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी और वर्ष 2025 में हाईकोर्ट इलाहाबाद ने भी उसकी सजा को सही ठहराया था। शिशुपाल यादव बांदा कारागार में 18 साल से अधिक समय बिता चुका है। ऐसे में उसके रिहाई के लिए राज्यपाल से स्वीकृति मांगी गई थी।
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इसी तरह से चित्रकूट जेल में बंद कोतवाली कर्वी के गांव तरौंहा निवासी रमेश कुशवाहा को नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश ने 2019 में 10 साल की कारावास की सजा सुनाई थी। इसमें रमेश कुशवाहा अब तक चित्रकूट में सात साल से अधिक समय बिता चुका है।
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राज्यपाल ने दोनों बंदियों के अच्छे आचरण पर उन्हें समय से पहले रिहा करने के आदेश दिए हैं। अगर दोनों कैदियों के खिलाफ न्यायालय में कोई अन्य प्रकरण लंबित नहीं है तो ही यह रिहाई की जाएगी। बांदा जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह ने बताया कि अभी तक उन्हें यह आदेश नहीं मिल पाया है। शिशुपाल बांदा में 18 साल की सजा काट चुका है।