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Banda News: दो किशोरों का अपहरण, जंगल से भागकर झांसी पहुंचे
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अपह्त पवन कुशवाहा और सुनील। स्रोत परिजन।
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बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन कस्बे में दो किशोरों के अपहरण की सनसनीखेज घटना सामने आई है। बृहस्पतिवार को घर से कुछ ही दूरी पर कैथा तोड़ रहे दो किशोरों को अज्ञात कार सवारों ने अगवा कर लिया। बच्चों को बेहोश कर बंधक बनाया गया था।
ओरन के माया नगर निवासी 15 वर्षीय पवन और उसका 14 वर्षीय दोस्त सुनील सुबह मंदिर दर्शन के बाद घर लौट रहे थे। घर से करीब 200 मीटर दूर वे कैथा के फल तोड़ रहे थे। तभी एक चार पहिया वाहन चालक ने उनसे पेट्रोल पंप का पता पूछा। बातचीत के दौरान चालक ने उनकी नाक पर कोई पदार्थ सुंघा दिया, जिससे दोनों बेहोश हो गए। होश आने पर उन्होंने खुद को कार के अंदर बंद पाया। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। मां राजकुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। देर रात झांसी रेलवे पुलिस ने परिजनों को बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना दी।
अपहृत किशोरों ने बताया कि शाम को झांसी से पहले एक जंगल क्षेत्र में वाहन रोका गया। होश आने पर उनके हाथ बंधे हुए थे। उन्होंने वहां दो अन्य लड़कों और एक व्यक्ति को देखा। अवसर पाकर दोनों किशोर वहां से भाग निकले। आरोपियों ने उनका पीछा भी किया। किशोर रेलवे लाइन तक पहुंच गए और जान बचाने के लिए लगातार दौड़ते रहे। वह पहले चार से पांच किलोमीटर जंगल में दौड़े फिर करीब 15 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के सहारे झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को पूरी घटना बताई जिसके बाद उन्हें सुरक्षा में लिया गया। परिजन मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अपर पुलिस डॉ. शिवराज ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।
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ओरन के माया नगर निवासी 15 वर्षीय पवन और उसका 14 वर्षीय दोस्त सुनील सुबह मंदिर दर्शन के बाद घर लौट रहे थे। घर से करीब 200 मीटर दूर वे कैथा के फल तोड़ रहे थे। तभी एक चार पहिया वाहन चालक ने उनसे पेट्रोल पंप का पता पूछा। बातचीत के दौरान चालक ने उनकी नाक पर कोई पदार्थ सुंघा दिया, जिससे दोनों बेहोश हो गए। होश आने पर उन्होंने खुद को कार के अंदर बंद पाया। शाम तक घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। मां राजकुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। देर रात झांसी रेलवे पुलिस ने परिजनों को बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना दी।
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अपहृत किशोरों ने बताया कि शाम को झांसी से पहले एक जंगल क्षेत्र में वाहन रोका गया। होश आने पर उनके हाथ बंधे हुए थे। उन्होंने वहां दो अन्य लड़कों और एक व्यक्ति को देखा। अवसर पाकर दोनों किशोर वहां से भाग निकले। आरोपियों ने उनका पीछा भी किया। किशोर रेलवे लाइन तक पहुंच गए और जान बचाने के लिए लगातार दौड़ते रहे। वह पहले चार से पांच किलोमीटर जंगल में दौड़े फिर करीब 15 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के सहारे झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को पूरी घटना बताई जिसके बाद उन्हें सुरक्षा में लिया गया। परिजन मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अपर पुलिस डॉ. शिवराज ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।