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Banda News: आम रास्ते पर विश्वविद्यालय ने कराई बाउंड्री, 300 बीघा जमीन फंसी
Thu, 23 Jul 2026 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:17 PM IST
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फोटो-2-बाउंड्री हटवाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे किसान। संवाद
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बांदा। कलेक्ट्रेट में बृहस्पतिवार को गांव मवई खुर्द के किसान डीएम से मिले। किसानों ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास कृषि विश्वविद्यालय ने आम रास्ते पर एक बाउंड्री बना दी है। इससे करीब 300 बीघा खेतों पर जाने का रास्ता बंद हो गया है। यह खेत करीब 50-60 किसानों के हैं। उन्होंने बाउंड्री की जमीन की जांच कराकर किसानों को रास्ता दिलवाने की मांग की है।
शहर से करीब सात-आठ किलोमीटर दूर चिल्ला रोड पर स्थित गांव मवई खुर्द है, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नजदीक है। गांव से आए संतोष कुमार सविता, रामजी त्रिवेदी, आशीष कुमार, रामबरन यादव, छत्रपाल सविता, श्रीराम आदि ने डीएम अमित आसेरी से मिलकर अपनी शिकायत की। बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नजदीक ही उनके खेत हैं और वहीं पर कृषि विश्वविद्यालय भी खुला हुआ है। विश्वविद्यालय अपनी जमीन पर काबिज है, लेकिन यहीं पर किसानों की 300 बीघा खेत हैं।
किसान आम रास्ते से होकर अपने खेतों पर कृषि कार्य के लिए जाते थे। एक साल पहले विश्वविद्यालय की ओर से आम रास्ते पर दीवार बनाकर उसे बंद कर दिया गया और यहां पर एक सुरक्षाकर्मी भी तैनात कर दिया गया है। इससे किसान अब अपने खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। काफी मिन्नत करने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो वह प्रशासन के पास आए हैं। डीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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शहर से करीब सात-आठ किलोमीटर दूर चिल्ला रोड पर स्थित गांव मवई खुर्द है, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नजदीक है। गांव से आए संतोष कुमार सविता, रामजी त्रिवेदी, आशीष कुमार, रामबरन यादव, छत्रपाल सविता, श्रीराम आदि ने डीएम अमित आसेरी से मिलकर अपनी शिकायत की। बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नजदीक ही उनके खेत हैं और वहीं पर कृषि विश्वविद्यालय भी खुला हुआ है। विश्वविद्यालय अपनी जमीन पर काबिज है, लेकिन यहीं पर किसानों की 300 बीघा खेत हैं।
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किसान आम रास्ते से होकर अपने खेतों पर कृषि कार्य के लिए जाते थे। एक साल पहले विश्वविद्यालय की ओर से आम रास्ते पर दीवार बनाकर उसे बंद कर दिया गया और यहां पर एक सुरक्षाकर्मी भी तैनात कर दिया गया है। इससे किसान अब अपने खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। काफी मिन्नत करने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा तो वह प्रशासन के पास आए हैं। डीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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