{"_id":"6a6cdfdf644608296809376f","slug":"vaccination-drive-sluggish-368-lakh-animals-yet-to-be-vaccinated-banda-news-c-215-1-aur1007-134369-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: अभियान सुस्त, तीन लाख 68 हजार पुशओं का टीकाकरण बाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: अभियान सुस्त, तीन लाख 68 हजार पुशओं का टीकाकरण बाकी
Fri, 31 Jul 2026 11:18 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:18 PM IST
विज्ञापन
फोटो 31 सीकेटीपी 15 अमानपुर गांव में पशु को टीका लगाता पैरावेट कर्मी । संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। जिले में पशुओं के खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की रफ्तार सुस्त है। यह अभियान शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं लेकिन कई गांवों में पशु विभाग की टीमें अभी तक नहीं पहुंची हैं।
जिले में लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल छह फीसदी पशुओं को ही टीके लगाए गए हैं। लक्ष्य के मुकाबले अब तक 25 हजार 190 पशुओं को टीके लगाए जा चुके हैं। जबकि 3 लाख 68 हजार पुशओं का टीकाकरण बाकी है।
बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में पशु मुंहपका व खुरपका बीमारी की चपेट में आते हैं। इस रोग से बचाने के लिए शासन ने टीकाकरण अभियान चलाने का फैसला लिया। जनपद में भी पशुपालन विभाग को 3,93,200 पशुओं को टीके लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए पशुपालन विभाग में 20 टीमें लगाई गई थीं। इस कार्य की जिम्मेदारी पैरावेट को मिली है।
विज्ञापन
22 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान को 10 हो चुके हैं। विभाग गठित टीमों के गांवों में पहुंचने का दावा कर रहा है जबकि हकीकत यह है कि प्रसिद्धपुर, सभापुर, सगवारा, भीठाखेरा, तौरा व चकौंध जैसे गांवों में अभी तक टीमें गांव ही नहीं पहुंची हैं।
प्रसिद्धपुर के उदयभान ने बताया कि गांव में अभी तक न तो टीम आई है और न ही उनके पशुओं के टीके लगे हैं। भाकियू के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहते हैं कि गांवों में पशुओं के टीकाकरण अभियान की रफ्तार काफी धीमी है। पशुओं के बीमार होने पर किसान निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
-- --
टीमों ने यहां किया टीकाकरण
कर्वी क्षेत्र के अमानपुर में राजेश सिंह और पुरवा तरौहा के सुनील ने बताया कि उनके गांवों में टीम ने आकर पशुओं का टीकाकरण किया है। इनके अलावा कोलगदिया कपसेटी, पहाड़ी क्षेत्र के चकजाफर, अशोह, पचोखर व राजापुर क्षेत्र के पराको रामनगर, राजापुर, मऊ क्षेत्र में ताडी, बरवार बोझ आदि गांवों में पशुओं को टीके लगे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- --
रोग के लक्षण और बचाव
पशु चिकित्सक मनोज कुमार ने खुरपका-मुंहपका को एक संक्रामक वायरल रोग बताया। कहा कि तेज बुखार, मुंह में छाले और लंगड़ाना इसके मुख्य लक्षण हैं। पशु चारा-पानी छोड़ देते हैं और दूध भी कम हो जाता है। पशु चिकित्सक ने बताया कि इस रोग से नियंत्रण के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है। उन्होंने पशुओं के बांधने के स्थान की सफाई और संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से दूर रखने की सलाह दी।
-- -- -- -- -- -
वर्जन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि जिन गांवों में टीमें नहीं पहुंची हैं, वहां पैरावेट पहुंचकर टीकाकरण करेंगे। यह भी बताया कि क्षेत्रीय पशु अधिकारी भी अभियान का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी ने कहा कि यदि पशुपालकों को कोई समस्या हो तो वे अपने क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं। अभियान का लक्ष्य सभी पात्र पशुओं को 8 सितंबर तक टीका लगाना है।
विज्ञापन
जिले में लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल छह फीसदी पशुओं को ही टीके लगाए गए हैं। लक्ष्य के मुकाबले अब तक 25 हजार 190 पशुओं को टीके लगाए जा चुके हैं। जबकि 3 लाख 68 हजार पुशओं का टीकाकरण बाकी है।
विज्ञापन
बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में पशु मुंहपका व खुरपका बीमारी की चपेट में आते हैं। इस रोग से बचाने के लिए शासन ने टीकाकरण अभियान चलाने का फैसला लिया। जनपद में भी पशुपालन विभाग को 3,93,200 पशुओं को टीके लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए पशुपालन विभाग में 20 टीमें लगाई गई थीं। इस कार्य की जिम्मेदारी पैरावेट को मिली है।
विज्ञापन
22 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान को 10 हो चुके हैं। विभाग गठित टीमों के गांवों में पहुंचने का दावा कर रहा है जबकि हकीकत यह है कि प्रसिद्धपुर, सभापुर, सगवारा, भीठाखेरा, तौरा व चकौंध जैसे गांवों में अभी तक टीमें गांव ही नहीं पहुंची हैं।
प्रसिद्धपुर के उदयभान ने बताया कि गांव में अभी तक न तो टीम आई है और न ही उनके पशुओं के टीके लगे हैं। भाकियू के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहते हैं कि गांवों में पशुओं के टीकाकरण अभियान की रफ्तार काफी धीमी है। पशुओं के बीमार होने पर किसान निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
टीमों ने यहां किया टीकाकरण
कर्वी क्षेत्र के अमानपुर में राजेश सिंह और पुरवा तरौहा के सुनील ने बताया कि उनके गांवों में टीम ने आकर पशुओं का टीकाकरण किया है। इनके अलावा कोलगदिया कपसेटी, पहाड़ी क्षेत्र के चकजाफर, अशोह, पचोखर व राजापुर क्षेत्र के पराको रामनगर, राजापुर, मऊ क्षेत्र में ताडी, बरवार बोझ आदि गांवों में पशुओं को टीके लगे हैं।
रोग के लक्षण और बचाव
पशु चिकित्सक मनोज कुमार ने खुरपका-मुंहपका को एक संक्रामक वायरल रोग बताया। कहा कि तेज बुखार, मुंह में छाले और लंगड़ाना इसके मुख्य लक्षण हैं। पशु चारा-पानी छोड़ देते हैं और दूध भी कम हो जाता है। पशु चिकित्सक ने बताया कि इस रोग से नियंत्रण के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है। उन्होंने पशुओं के बांधने के स्थान की सफाई और संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से दूर रखने की सलाह दी।
वर्जन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि जिन गांवों में टीमें नहीं पहुंची हैं, वहां पैरावेट पहुंचकर टीकाकरण करेंगे। यह भी बताया कि क्षेत्रीय पशु अधिकारी भी अभियान का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी ने कहा कि यदि पशुपालकों को कोई समस्या हो तो वे अपने क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं। अभियान का लक्ष्य सभी पात्र पशुओं को 8 सितंबर तक टीका लगाना है।