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Banda News: वसुधरी धाम का कायाकल्प, महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली को मिलेगा नया स्वरूप
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 20 May 2026 12:16 AM IST
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फोटो - 18 जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई तस्वीर। स्त्रोत : पयर्टन विभाग
- फोटो : पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई बाइक।
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बांदा। जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले वसुधरी धाम को 1.27 करोड़ रुपये की लागत से भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पावन स्थल महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में पूजनीय है, जिसके जीर्णोद्धार से क्षेत्र के सांस्कृतिक गौरव में वृद्धि होगी।
जिले की पैलानी तहसील के अंतर्गत वसुधरी (लसड़ा) गांव में यमुना नदी के तट पर स्थित वसुधरी धाम, महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में विख्यात है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहीं पर ऋषि पराशर और देवी सत्यवती का मिलन हुआ था। जिसके उपरांत इसी क्षेत्र के एक द्वीप पर महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। दशकों से उपेक्षित पड़े इस पवित्र स्थल को अब प्रदेश सरकार के प्रयासों से नया जीवन मिल रहा है। सीडीओ अजय कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना का जीर्णोद्धार कार्य 28 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह समय-सीमा परियोजना की प्रगति को सुनिश्चित करने और इसे समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से जिले को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
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जिले की पैलानी तहसील के अंतर्गत वसुधरी (लसड़ा) गांव में यमुना नदी के तट पर स्थित वसुधरी धाम, महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में विख्यात है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहीं पर ऋषि पराशर और देवी सत्यवती का मिलन हुआ था। जिसके उपरांत इसी क्षेत्र के एक द्वीप पर महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। दशकों से उपेक्षित पड़े इस पवित्र स्थल को अब प्रदेश सरकार के प्रयासों से नया जीवन मिल रहा है। सीडीओ अजय कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना का जीर्णोद्धार कार्य 28 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह समय-सीमा परियोजना की प्रगति को सुनिश्चित करने और इसे समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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इस परियोजना के पूर्ण होने से जिले को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।