{"_id":"69c833ecf48e0c20e20c28b4","slug":"vultures-found-in-the-hills-of-ghazipur-village-people-rejoice-banda-news-c-212-1-bnd1017-143589-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: गाजीपुर गांव की पहाड़ी में मिले गिद्ध, लोगों में हर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: गाजीपुर गांव की पहाड़ी में मिले गिद्ध, लोगों में हर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
फोटो - 02 गाजीपुर गांव की पहाड़ी में विचरण करते गिद्ध। संवाद
विज्ञापन
करतल। गाजीपुर गांव की पहाड़ी में इन दिनों यह बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में हर्ष है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 50 वर्षों बाद वह गिद्ध देख रहे हैं। कहा कि प्रशासन को इनके संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए।
नरैनी तहसील के गाजीपुर गांव की पहाड़ी में इन दिनों गिद्धों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में खुशी व्याप्त है। लोगों का मानना है कि गिद्धों को प्रकृति का सफाई कर्मी कहा जाता है। यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। गांव के रामशरण पटेल, लालमन यादव, नहरी के अतीक अहमद, निडहुआ के मोहनलाल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि यशवंत पटेल आदि ने बताया कि पहाड़ी के नीचे गिद्धों की बड़ी तादाद मौजूद हैं। कहा कि गिद्धों को देखकर पहले विश्वास नहीं हुआ। बताया कि पिछले 45-50 वर्षों से क्षेत्र में गिद्ध नहीं देखे गए लेकिन इनकी आमद से मन में खुशी है।
देश में पाई जाती हैं नौ प्रजातियां
भारत में गिद्धों की करीब नौ प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से ज्यादातर लुप्तप्राय हैं। भारतीय गिद्ध मुख्य रूप से मध्य भारत और प्रायद्वीप में पाए जाते हैं। इनकी प्रमुख प्रजातियों में ओरिएंटल वल्चर, व्हाइट रंप्ड वल्चर, इंडियन वल्चर और लाल सिर वाले वल्चर शामिल हैं।
संरक्षण के होंगे प्रयास
गाजीपुर गांव में गिद्धों की जानकारी पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वैद्य ने बताया कि यह जिले के लिए खुशी की बात है। बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने हरियाणा के पिंजौर सहित कई स्थानों पर संरक्षण व प्रजनन केंद्र स्थापित किए हैं। इससे विलुप्त हो रही प्रजाति को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि आखेट के लिए आए गिद्धों के साथ छेड़छाड़ न की जाए, इससे उनकी संख्या बढ़ने में मदद मिलेगी।
Trending Videos
नरैनी तहसील के गाजीपुर गांव की पहाड़ी में इन दिनों गिद्धों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में खुशी व्याप्त है। लोगों का मानना है कि गिद्धों को प्रकृति का सफाई कर्मी कहा जाता है। यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। गांव के रामशरण पटेल, लालमन यादव, नहरी के अतीक अहमद, निडहुआ के मोहनलाल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि यशवंत पटेल आदि ने बताया कि पहाड़ी के नीचे गिद्धों की बड़ी तादाद मौजूद हैं। कहा कि गिद्धों को देखकर पहले विश्वास नहीं हुआ। बताया कि पिछले 45-50 वर्षों से क्षेत्र में गिद्ध नहीं देखे गए लेकिन इनकी आमद से मन में खुशी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देश में पाई जाती हैं नौ प्रजातियां
भारत में गिद्धों की करीब नौ प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से ज्यादातर लुप्तप्राय हैं। भारतीय गिद्ध मुख्य रूप से मध्य भारत और प्रायद्वीप में पाए जाते हैं। इनकी प्रमुख प्रजातियों में ओरिएंटल वल्चर, व्हाइट रंप्ड वल्चर, इंडियन वल्चर और लाल सिर वाले वल्चर शामिल हैं।
संरक्षण के होंगे प्रयास
गाजीपुर गांव में गिद्धों की जानकारी पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वैद्य ने बताया कि यह जिले के लिए खुशी की बात है। बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने हरियाणा के पिंजौर सहित कई स्थानों पर संरक्षण व प्रजनन केंद्र स्थापित किए हैं। इससे विलुप्त हो रही प्रजाति को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि आखेट के लिए आए गिद्धों के साथ छेड़छाड़ न की जाए, इससे उनकी संख्या बढ़ने में मदद मिलेगी।