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Banda News: कागजों में हर घर बह रही जल धारा, हकीकत में सूखी टोटियां
Fri, 26 Jun 2026 10:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:43 PM IST
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गुढ़ाकला गांव में टोटी दिखाते बुजुर्ग। संवाद
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बांदा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचाना है, लेकिन जिले में कागजों में ही हर घर जलधारा बह रही है, धरातल पर इसकी सच्चाई सूखी टोंटियां दिखाई दे रही हैं।
विभागीय रिकॉर्ड में जिले के आठों विकासखंडों की 470 ग्राम पंचायतों के 444 गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने, 6,797 किमी पाइपलाइन बिछाने और करीब 99 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों तक आज भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंची।
कहीं स्टैंड पोस्ट महीनों से सूखे पड़े हैं तो कहीं पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कें भी कई गांवों में आज तक दुरुस्त नहीं कराई गई हैं। गर्मी के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। महिलाएं और बच्चे कई सौ मीटर दूर हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
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गुढ़ाकला में टोंटी से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी
नरैनी तहसील के गुढ़ाकला गांव में जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई। गांव में स्टैंड पोस्ट लगाए गए और लोगों को भरोसा दिलाया गया कि अब हर घर तक नियमित शुद्ध पानी पहुंचेगा लेकिन योजना शुरू होने के बाद से आज तक इन स्टैंड पोस्ट में पानी नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार हर घर जल की बात करती है, लेकिन गांव के लोग आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
झझरी में दो साल बाद भी अधूरी योजना
विकासखंड जसपुरा की ग्राम पंचायत झझरी में जल जीवन मिशन का काम करीब दो वर्ष पहले पूरा हो चुका है। गांव में पानी की टंकी बनाई गई, पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर नल लगाए गए। इसके बावजूद आज भी करीब 270 परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। टोपी डेरा, रामसिंह का डेरा, होरियारी डाड़, तनगामऊ सड़क के पास की बस्ती और मुख्य गांव के कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया। मजबूरी में लोग आज भी हैंडपंपों और पुराने जल स्रोतों पर निर्भर हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा।
उखड़ी सड़कें भी बढ़ा रहीं परेशानी
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए गांवों की सीसी और खड़ंजा सड़कें खोद दी गईं। कई स्थानों पर काम पूरा होने के महीनों बाद भी सड़कें पहले जैसी नहीं बनाई गईं। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं अधूरी मरम्मत के कारण रास्ते ऊबड़-खाबड़ बने हुए हैं। बरसात शुरू होने के साथ इन रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें बदहाल छोड़ दी गईं और अब रोजाना आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह बोले ग्रामीण
गांव में आज तक जल जीवन मिशन के तहत एक बूंद पानी नहीं मिला। योजना सिर्फ कागजों में चलती दिख रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण आज भी पानी के लिए परेशान हैं।
राम बहादुर, शाहपाटन, नरैनी
रिकॉर्ड में पूरे गांव को नल से जलापूर्ति दिखाई जा रही है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है। आज तक एक बाल्टी पानी भी नल से नहीं मिला। योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है।
राजेंद्र, गुढ़ाकला, नरैनी
भीषण गर्मी में भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया। न पाइपलाइन सही तरीके से बंद की गई और न ही आज तक पानी की आपूर्ति शुरू हुई।
मक्खो, शाहपाटन, नरैनी
वर्जन
जिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है और जल्द ही वहां जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।
रमेश गुप्ता, जेई, नमामि गंगे योजना
विभागीय आंकड़े एक नजर में
ग्राम पंचायत : 470
कुल गांव : 648
शत प्रतिशत जलापूर्ति : 444 गांव
90-99 प्रतिशत जलापूर्ति : 155 गांव
90 प्रतिशत से कम जलापूर्ति : 50 गांव
सड़क मरम्मत पूरे किए जाने वाले गांव : 533
जलापूर्ति बाधित गांव : 21
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विभागीय रिकॉर्ड में जिले के आठों विकासखंडों की 470 ग्राम पंचायतों के 444 गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने, 6,797 किमी पाइपलाइन बिछाने और करीब 99 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों तक आज भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंची।
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कहीं स्टैंड पोस्ट महीनों से सूखे पड़े हैं तो कहीं पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कें भी कई गांवों में आज तक दुरुस्त नहीं कराई गई हैं। गर्मी के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। महिलाएं और बच्चे कई सौ मीटर दूर हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
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गुढ़ाकला में टोंटी से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी
नरैनी तहसील के गुढ़ाकला गांव में जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई। गांव में स्टैंड पोस्ट लगाए गए और लोगों को भरोसा दिलाया गया कि अब हर घर तक नियमित शुद्ध पानी पहुंचेगा लेकिन योजना शुरू होने के बाद से आज तक इन स्टैंड पोस्ट में पानी नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार हर घर जल की बात करती है, लेकिन गांव के लोग आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
झझरी में दो साल बाद भी अधूरी योजना
विकासखंड जसपुरा की ग्राम पंचायत झझरी में जल जीवन मिशन का काम करीब दो वर्ष पहले पूरा हो चुका है। गांव में पानी की टंकी बनाई गई, पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर नल लगाए गए। इसके बावजूद आज भी करीब 270 परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। टोपी डेरा, रामसिंह का डेरा, होरियारी डाड़, तनगामऊ सड़क के पास की बस्ती और मुख्य गांव के कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया। मजबूरी में लोग आज भी हैंडपंपों और पुराने जल स्रोतों पर निर्भर हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा।
उखड़ी सड़कें भी बढ़ा रहीं परेशानी
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए गांवों की सीसी और खड़ंजा सड़कें खोद दी गईं। कई स्थानों पर काम पूरा होने के महीनों बाद भी सड़कें पहले जैसी नहीं बनाई गईं। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं अधूरी मरम्मत के कारण रास्ते ऊबड़-खाबड़ बने हुए हैं। बरसात शुरू होने के साथ इन रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें बदहाल छोड़ दी गईं और अब रोजाना आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह बोले ग्रामीण
गांव में आज तक जल जीवन मिशन के तहत एक बूंद पानी नहीं मिला। योजना सिर्फ कागजों में चलती दिख रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीण आज भी पानी के लिए परेशान हैं।
राम बहादुर, शाहपाटन, नरैनी
रिकॉर्ड में पूरे गांव को नल से जलापूर्ति दिखाई जा रही है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है। आज तक एक बाल्टी पानी भी नल से नहीं मिला। योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है।
राजेंद्र, गुढ़ाकला, नरैनी
भीषण गर्मी में भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया। न पाइपलाइन सही तरीके से बंद की गई और न ही आज तक पानी की आपूर्ति शुरू हुई।
मक्खो, शाहपाटन, नरैनी
वर्जन
जिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है और जल्द ही वहां जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।
रमेश गुप्ता, जेई, नमामि गंगे योजना
विभागीय आंकड़े एक नजर में
ग्राम पंचायत : 470
कुल गांव : 648
शत प्रतिशत जलापूर्ति : 444 गांव
90-99 प्रतिशत जलापूर्ति : 155 गांव
90 प्रतिशत से कम जलापूर्ति : 50 गांव
सड़क मरम्मत पूरे किए जाने वाले गांव : 533
जलापूर्ति बाधित गांव : 21

गुढ़ाकला गांव में टोटी दिखाते बुजुर्ग। संवाद

गुढ़ाकला गांव में टोटी दिखाते बुजुर्ग। संवाद

गुढ़ाकला गांव में टोटी दिखाते बुजुर्ग। संवाद

गुढ़ाकला गांव में टोटी दिखाते बुजुर्ग। संवाद