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Banda News: बरियारपुर बांध में पानी की कमी, नहर संचालन में देरी
Sun, 05 Jul 2026 11:16 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:16 PM IST
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बरियारपुर बांध का दृश्य। संवाद
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करतल। रोस्टर के अनुसार मुख्य कैनाल का संचालन न होने से किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि न तो बारिश हो रही है और न ही नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे धान फसल की बोआई नहीं हो पा रही। कहा कि यही हाल रहा तो उनका समय और धन दोनों बर्बाद होगा। वहीं विभाग बरियारपुर बांध में पर्याप्त पानी न होने की बात कह रहा है।
केन कैनाल की मांग पर बरियारपुर बांध से मुख्य नहर में पानी छोड़ा जाता है। हर वर्ष तीन जुलाई को नहर शुरू होती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, इससे किसान परेशान हैं। नहरी के धर्मेंद्र तिवारी, बिल्हरका के अमर सिंह, बहादुर सिंह, करतल के दादू पटेल सहित अन्य किसानों ने बताया कि धान की बेड की बोआई हो चुकी है। बिना पानी के वह सूख रहीं हैं। कहा कि जिन किसानों के पास निजी साधन हैं, वह बोआई कर रहे हैं।
वहीं अन्य किसान नहर संचालन का इंतजार करते हैं। कहा कि जल्द ही पानी न छोड़ा गया तो धन और समय दोनों बर्बाद होगा। वहीं, सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि बरियारपुर हेड बांध में पानी की मात्रा 17.5 एमसीएफटी मिलियन क्यूबिक शेष है। वहीं, गंगऊ बांध में पानी एकत्र हो रहा है।
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कहा कि बरियारपुर बांध में पानी आने के बाद मुख्य नहर का संचालन किया जाएगा। बांध में अभी कुल 1/2 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी है। क्रिस्टल वॉल से नीचे पानी गिरने पर नहर का संचालन किया जाता है। अभी नहर संचालन पर मात्र तली में पानी रहेगा और इससे किसानों को भी कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
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केन कैनाल की मांग पर बरियारपुर बांध से मुख्य नहर में पानी छोड़ा जाता है। हर वर्ष तीन जुलाई को नहर शुरू होती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, इससे किसान परेशान हैं। नहरी के धर्मेंद्र तिवारी, बिल्हरका के अमर सिंह, बहादुर सिंह, करतल के दादू पटेल सहित अन्य किसानों ने बताया कि धान की बेड की बोआई हो चुकी है। बिना पानी के वह सूख रहीं हैं। कहा कि जिन किसानों के पास निजी साधन हैं, वह बोआई कर रहे हैं।
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वहीं अन्य किसान नहर संचालन का इंतजार करते हैं। कहा कि जल्द ही पानी न छोड़ा गया तो धन और समय दोनों बर्बाद होगा। वहीं, सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि बरियारपुर हेड बांध में पानी की मात्रा 17.5 एमसीएफटी मिलियन क्यूबिक शेष है। वहीं, गंगऊ बांध में पानी एकत्र हो रहा है।
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कहा कि बरियारपुर बांध में पानी आने के बाद मुख्य नहर का संचालन किया जाएगा। बांध में अभी कुल 1/2 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी है। क्रिस्टल वॉल से नीचे पानी गिरने पर नहर का संचालन किया जाता है। अभी नहर संचालन पर मात्र तली में पानी रहेगा और इससे किसानों को भी कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।

बरियारपुर बांध का दृश्य। संवाद