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Barabanki News: पिता के सामने ही बुग्गी के नीचे आया 14 वर्षीय बेटा, तड़पकर माैत
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:53 AM IST
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बाराबंकी। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस पिता के कंधों का बोझ हल्का करने के लिए एक किशोर साथ निकला था, उसी पिता की आंखों के सामने वह हमेशा के लिए सो गया। फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला मौलवीगंज में बुधवार को एक ऐसी चीख गूंजी, जिसने हर सुनने वाले की रूह कंपा दी। ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले शकील अहमद के 14 वर्षीय पुत्र सुहैल की अपनी ही बुग्गी (खच्चर गाड़ी) के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई।
शकील अहमद इसरौली गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर बुग्गी से ईंटें ढोने का काम करते हैं। सुहैल, जो दो भाइयों और बहनों में सबसे बड़ा था। वह अक्सर अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए उनके साथ काम पर चला जाता था। बुधवार की सुबह भी वह इसी मंशा से घर से निकला था कि पिता की मेहनत थोड़ी कम हो जाएगी। किसे पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीषण गर्मी में सुहैल पिता शकील के साथ बुग्गी पर ईंट लादता है। पसीने से तर बतर पिता-पुत्र बुग्गी पर सवार होकर ईंटें लादकर भट्ठे से निकले ही थे कि अचानक संतुलन बिगड़ने से सुहैल नीचे गिर पड़ा। इससे पहले कि शकील कुछ समझ पाते या लगाम खींचते, ईंटों से लदी बुग्गी सुहैल के ऊपर से गुजर गई। लहूलुहान हालत में पिता उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में सुहैल का निर्जीव शरीर देख शकील बदहवास हो गए, तो वहीं घर पर मां और छोटे भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले वालों की आंखें भी नम हैं। हर कोई बस यही कह रहा है कि जिस उम्र में सुहैल के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उस उम्र में गरीबी और जिम्मेदारी ने उसे मौत के करीब धकेल दिया।
भाई कब आएगा...
सुहैल की छोटी बहन रो रही मां से बार-बार यही पूछ रही थी कि भाई कब आएगा। अब्बू तो घर आ गए, पर भाई साथ में नहीं है। कहां चला गया...हम साथ कैसे खेलेंगे। मेरे लिए बर्फ काैन लाएगा मां... बच्ची की यह बातें सुनकर माैजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। बेटी की इन बातों से मां और फफक कर रोने लगती थीं। इन्हें संभालने वाले भी रोकर बेहाल थे। पूरे मोहल्ले में मामत पसरा था। हर जुबान पर सिर्फ सुहैल की बातें।
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प्रेशर हाॅर्न बजते ही डगमगाई बाइक, 10 फीट घिसटती रही महिला, माैत
जहांगीराबाद के रसूलपुर गांव की निवासी सावित्री देवी (40) सरस्वती डेंटल कॉलेज लखनऊ में कर्मचारी थीं। सुबह वह पति सहजराम के साथ बाइक से ड्यूटी जा रही थीं। सहजराम के अनुसार जहांगीराबाद-बाराबंकी मार्ग पर अतरोरा गांव के पास पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक प्रेशर हाॅर्न बजा दिया।
वह हड़बड़ा गए, जिससे बाइक डगमगाकर ट्रक से टकरा गई। इसी दौरान सावित्री की साड़ी ट्रक में फंस गई और वह काफी दूर तक घिसटती चली गईं। ट्रक का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक भाग गया। सावित्री देवी की तीन बेटियां व एक बेटा है।
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पत्नी के साथ समारोह से लाैट रहे युवक की माैत
कोठी के जुल्कीपुर मजरे सुहावा निवासी मुकेश कुमार व उनकी पत्नी राधा बाइक से मंगलवार रात करीब 11:30 बजे शादी समारोह से घर लौट रहे थे। हैदरगढ़-बाराबंकी मार्ग पर असदामऊ गांव के पास सामने से आई दूसरी बाइक से भिड़ंत हो गई।
हादसे में गंभीर रूप से घायल दंपती व बाइक सवार को सीएचसी कोठी ले जाया गया, जहां मुकेश (30) को मृत घोषित कर दिया गया। राधा और दूसरी बाइक पर सवार पकरिहा गांव के प्रकाश को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। मुकेश के दो छोटे बच्चे हैं। वह मजदूरी करते थे।
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शकील अहमद इसरौली गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर बुग्गी से ईंटें ढोने का काम करते हैं। सुहैल, जो दो भाइयों और बहनों में सबसे बड़ा था। वह अक्सर अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए उनके साथ काम पर चला जाता था। बुधवार की सुबह भी वह इसी मंशा से घर से निकला था कि पिता की मेहनत थोड़ी कम हो जाएगी। किसे पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीषण गर्मी में सुहैल पिता शकील के साथ बुग्गी पर ईंट लादता है। पसीने से तर बतर पिता-पुत्र बुग्गी पर सवार होकर ईंटें लादकर भट्ठे से निकले ही थे कि अचानक संतुलन बिगड़ने से सुहैल नीचे गिर पड़ा। इससे पहले कि शकील कुछ समझ पाते या लगाम खींचते, ईंटों से लदी बुग्गी सुहैल के ऊपर से गुजर गई। लहूलुहान हालत में पिता उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में सुहैल का निर्जीव शरीर देख शकील बदहवास हो गए, तो वहीं घर पर मां और छोटे भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले वालों की आंखें भी नम हैं। हर कोई बस यही कह रहा है कि जिस उम्र में सुहैल के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उस उम्र में गरीबी और जिम्मेदारी ने उसे मौत के करीब धकेल दिया।
भाई कब आएगा...
सुहैल की छोटी बहन रो रही मां से बार-बार यही पूछ रही थी कि भाई कब आएगा। अब्बू तो घर आ गए, पर भाई साथ में नहीं है। कहां चला गया...हम साथ कैसे खेलेंगे। मेरे लिए बर्फ काैन लाएगा मां... बच्ची की यह बातें सुनकर माैजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। बेटी की इन बातों से मां और फफक कर रोने लगती थीं। इन्हें संभालने वाले भी रोकर बेहाल थे। पूरे मोहल्ले में मामत पसरा था। हर जुबान पर सिर्फ सुहैल की बातें।
प्रेशर हाॅर्न बजते ही डगमगाई बाइक, 10 फीट घिसटती रही महिला, माैत
जहांगीराबाद के रसूलपुर गांव की निवासी सावित्री देवी (40) सरस्वती डेंटल कॉलेज लखनऊ में कर्मचारी थीं। सुबह वह पति सहजराम के साथ बाइक से ड्यूटी जा रही थीं। सहजराम के अनुसार जहांगीराबाद-बाराबंकी मार्ग पर अतरोरा गांव के पास पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक प्रेशर हाॅर्न बजा दिया।
वह हड़बड़ा गए, जिससे बाइक डगमगाकर ट्रक से टकरा गई। इसी दौरान सावित्री की साड़ी ट्रक में फंस गई और वह काफी दूर तक घिसटती चली गईं। ट्रक का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक भाग गया। सावित्री देवी की तीन बेटियां व एक बेटा है।
पत्नी के साथ समारोह से लाैट रहे युवक की माैत
कोठी के जुल्कीपुर मजरे सुहावा निवासी मुकेश कुमार व उनकी पत्नी राधा बाइक से मंगलवार रात करीब 11:30 बजे शादी समारोह से घर लौट रहे थे। हैदरगढ़-बाराबंकी मार्ग पर असदामऊ गांव के पास सामने से आई दूसरी बाइक से भिड़ंत हो गई।
हादसे में गंभीर रूप से घायल दंपती व बाइक सवार को सीएचसी कोठी ले जाया गया, जहां मुकेश (30) को मृत घोषित कर दिया गया। राधा और दूसरी बाइक पर सवार पकरिहा गांव के प्रकाश को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। मुकेश के दो छोटे बच्चे हैं। वह मजदूरी करते थे।

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