{"_id":"6a038d93bf3b7a7c09096939","slug":"4680-elderly-people-found-taking-pension-by-hiding-the-truth-barabanki-news-c-315-1-brb1038-167369-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: सच छिपा पेंशन लेते मिले 4680 वृद्धजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: सच छिपा पेंशन लेते मिले 4680 वृद्धजन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 13 May 2026 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। वृद्धावस्था पेंशन के लिए गरीब बुजुर्गों सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहें, वहीं दूसरी तरफ 89 आयकर दाता (आईटीआर) योजना का लाभ लेते पाए गए। समाज कल्याण निदेशालय ने जब पेंशनर्स के डाटा का आयकर विभाग के रिकॉर्ड से मिलान किया तो व्यवस्था में हुई सेंधमारी का खुलासा हुआ। इनकी पेंशन रोक दी गई है। इस फर्जीवाड़े की आंच में जिले के 4680 संदिग्धों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
विभागीय जांच में जो मामले पकड़े गए, उनमें आयकर दाता ही नहीं बल्कि वे कथित गरीब भी शामिल हैं, जिन्होंने कागजों में हेरफेर कर जमीन और मोटी आय की बात छिपाई थी। समाज कल्याण अधिकारी ने अब इन सभी संदिग्धों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराने का काम शुरू कराया। जांच की जद में वे लोग हैं, जिन्होंने आधार कार्ड में उम्र का झोल किया या आय प्रमाण-पत्र में अपनी असलियत छिपाई। इस कार्रवाई से अपनी सच्चाई छिपाकर पेंशन लेने वालों के पसीने छूट रहे हैं, जो अब तक कागजी बाजीगरी के दम पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। संवाद
बाक्स
इन वजहों ने बिगाड़ा खेल
89 पेंशनर आयकरदाता होने के बावजूद पेंशन लेते मिले। इनके अलावा पात्रता की सीमा से कहीं अधिक कृषि भूमि होने पर भी पेंशन ली जा रही थी। आधार में उम्र कम होने और वास्तविक आय अधिक होने पर भी सूची में सेंधमारी कर गरीबों का हक मारा गया। ऐसे 4680 संदिग्धों की पेंशन रोक दी गई है। स्थलीय जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और रिकवरी की जाएगी।
डॉ. नीलम सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
Trending Videos
विभागीय जांच में जो मामले पकड़े गए, उनमें आयकर दाता ही नहीं बल्कि वे कथित गरीब भी शामिल हैं, जिन्होंने कागजों में हेरफेर कर जमीन और मोटी आय की बात छिपाई थी। समाज कल्याण अधिकारी ने अब इन सभी संदिग्धों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराने का काम शुरू कराया। जांच की जद में वे लोग हैं, जिन्होंने आधार कार्ड में उम्र का झोल किया या आय प्रमाण-पत्र में अपनी असलियत छिपाई। इस कार्रवाई से अपनी सच्चाई छिपाकर पेंशन लेने वालों के पसीने छूट रहे हैं, जो अब तक कागजी बाजीगरी के दम पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बाक्स
इन वजहों ने बिगाड़ा खेल
89 पेंशनर आयकरदाता होने के बावजूद पेंशन लेते मिले। इनके अलावा पात्रता की सीमा से कहीं अधिक कृषि भूमि होने पर भी पेंशन ली जा रही थी। आधार में उम्र कम होने और वास्तविक आय अधिक होने पर भी सूची में सेंधमारी कर गरीबों का हक मारा गया। ऐसे 4680 संदिग्धों की पेंशन रोक दी गई है। स्थलीय जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और रिकवरी की जाएगी।
डॉ. नीलम सिंह, समाज कल्याण अधिकारी