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CBSE Result: 40 किलोमीटर का सफर, पांच घंटे की पढ़ाई…गांव के तन्मय ने जिले में फहराया परचम

अमर उजाला नेटवर्क, Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 13 May 2026 05:16 PM IST
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सार

हर दिन गांव से शहर तक का लंबा सफर तय कर स्कूल पहुंचना और फिर देर शाम घर लौटना तन्मय की दिनचर्या का हिस्सा था। स्कूल आने-जाने में ही कई घंटे निकल जाते थे, लेकिन इस संघर्ष ने उनके इरादों को कमजोर नहीं होने दिया।
 

CBSE Result: 40 km journey, five hours of study… Tanmay from the village hoisted the flag in the district
तन्मय साहू - फोटो : amar ujala
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विस्तार

सपनों की उड़ान के लिए बड़े शहर और महंगे संसाधन जरूरी नहीं होते, यह साबित कर दिखाया है कोटवाधाम के तन्मय साहू ने। गांव की सादगी, रोज 40 किलोमीटर का सफर और सीमित समय के बावजूद तन्मय ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक लाकर जिले में टॉप किया है।
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सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में पढ़ने वाले तन्मय जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कोटवाधाम के निवासी हैं। उनके पिता विनय कुमार साहू एक होटल संचालक हैं। हर दिन गांव से शहर तक का लंबा सफर तय कर स्कूल पहुंचना और फिर देर शाम घर लौटना तन्मय की दिनचर्या का हिस्सा था। स्कूल आने-जाने में ही कई घंटे निकल जाते थे, लेकिन इस संघर्ष ने उनके इरादों को कमजोर नहीं होने दिया।
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तन्मय बताते हैं कि घर लौटने के बाद वह रोज करीब पांच घंटे पढ़ाई करते थे। गांव के शांत माहौल में उन्होंने खुद को मोबाइल और दूसरी व्यस्तताओं से दूर रखकर पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित किया। मेहनत का नतीजा यह रहा कि शहर के हजारों छात्रों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने जिले में पहला स्थान हासिल कर लिया।
रिजल्ट आने के बाद कोटवाधाम में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण तन्मय को बधाई देने पहुंचने लगे। मिठाई बांटी गई और लोगों ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र का गौरव बताया।

शिक्षकों का कहना है कि तन्मय शुरू से ही अनुशासित और मेहनती छात्र रहे हैं। उन्होंने कभी दूरी या थकान को बहाना नहीं बनाया। यही वजह रही कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की।
तन्मय की यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। कोटवाधाम के इस बेटे ने दिखा दिया कि अगर हौसले मजबूत हों तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी सफलता की सबसे ऊंची मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।

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