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Barabanki News: गांवों में सजेगी शहर जैसी किताबों की दुनिया
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 04 May 2026 01:52 AM IST
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कुम्हरौरा गांव की डिजिटल लाइब्रेरी। संवाद
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बाराबंकी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब गांव के होनहारों को शहर की ओर रुख नहीं करना होगा। उनके घर के पास ही ज्ञान का नया ठिकाना तैयार हो रहा है। जिले की 168 ग्राम पंचायतों में आधुनिक सामुदायिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) खोलने की कवायद अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही लखनऊ से इन पुस्तकालयों का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करेंगे।
जिले की 168 पंचायतों में स्थानीय विधायक और प्रधान उत्सव के रूप में पुस्तकालयों का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र के युवा डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ उठाने लगेंगे। पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की सभी पुस्तकें पंचायतों तक पहुंच चुकी हैं।
अन्य प्रमुख प्रकाशकों की किताबें भी ब्लॉक मुख्यालयों पर आ गई हैं, जिन्हें जल्द ही लाइब्रेरी की अलमारियों में सजा दिया जाएगा। हालांकि, यूपी डेस्को की ओर से दिए जाने वाले आईटी उपकरण और कांच की अलमारियों का इंतजार अभी बना हुआ है।
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हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा भी मिलेगी
सिर्फ किताबें ही नहीं, इन पुस्तकालयों को आईटी उपकरणों से भी लैस किया जाएगा। इससे ऑनलाइन तैयारी करने वाले छात्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा मिल सकेगी। शासन की मंशा है कि संसाधन के अभाव में गांव की प्रतिभा पीछे न रहे। एनबीटी और नामचीन प्रकाशकों की चुनिंदा पुस्तकें यहां मौजूद होंगी। अमूमन प्रतियोगी छात्र शांत माहौल और किताबों के लिए शहर के निजी पुस्तकालयों में हजारों रुपये खर्च करते हैं। अब पंचायत भवनों में ही उन्हें मुफ्त और व्यवस्थित माहौल मिलेगा।
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अधिकांश फर्नीचर और किताबें पहुंचीं
पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का काम अंतिम दौर में है। अधिकांश फर्नीचर और किताबें पहुंच चुकी हैं। आईटी के उपकरण यूपी डेस्को ने अभी नहीं पहुंचाया है। 10 दिन में सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद इसका लखनऊ से मुख्यमंत्री तो जिले में जनप्रतिनिधि डिजिटल उद्घाटन कर युवाओं को सौगात देंगे।
-नितेश भोंडेले, डीपीआरओ
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जिले की 168 पंचायतों में स्थानीय विधायक और प्रधान उत्सव के रूप में पुस्तकालयों का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र के युवा डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ उठाने लगेंगे। पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की सभी पुस्तकें पंचायतों तक पहुंच चुकी हैं।
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अन्य प्रमुख प्रकाशकों की किताबें भी ब्लॉक मुख्यालयों पर आ गई हैं, जिन्हें जल्द ही लाइब्रेरी की अलमारियों में सजा दिया जाएगा। हालांकि, यूपी डेस्को की ओर से दिए जाने वाले आईटी उपकरण और कांच की अलमारियों का इंतजार अभी बना हुआ है।
हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा भी मिलेगी
सिर्फ किताबें ही नहीं, इन पुस्तकालयों को आईटी उपकरणों से भी लैस किया जाएगा। इससे ऑनलाइन तैयारी करने वाले छात्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा मिल सकेगी। शासन की मंशा है कि संसाधन के अभाव में गांव की प्रतिभा पीछे न रहे। एनबीटी और नामचीन प्रकाशकों की चुनिंदा पुस्तकें यहां मौजूद होंगी। अमूमन प्रतियोगी छात्र शांत माहौल और किताबों के लिए शहर के निजी पुस्तकालयों में हजारों रुपये खर्च करते हैं। अब पंचायत भवनों में ही उन्हें मुफ्त और व्यवस्थित माहौल मिलेगा।
अधिकांश फर्नीचर और किताबें पहुंचीं
पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का काम अंतिम दौर में है। अधिकांश फर्नीचर और किताबें पहुंच चुकी हैं। आईटी के उपकरण यूपी डेस्को ने अभी नहीं पहुंचाया है। 10 दिन में सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद इसका लखनऊ से मुख्यमंत्री तो जिले में जनप्रतिनिधि डिजिटल उद्घाटन कर युवाओं को सौगात देंगे।
-नितेश भोंडेले, डीपीआरओ
