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Barabanki News: जमीन के विवाद में अधिवक्ता को गोली मारी, हालत गंभीर
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जख्मी अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा को जिला चिकतसालय की इमरजेंसी में ले जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : जख्मी अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा को जिला चिकतसालय की इमरजेंसी में ले जाते पुलिसकर्मी।
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बाराबंकी। शहर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार शाम जमीन के विवाद में अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा को गोली मार दी गई। पेट में तमंचा सटाकर गोली मारे जाने से उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। ईएमओ पुष्पराज राणा ने बताया कि हालत नाजुक होने के कारण अधिवक्ता को लखनऊ भेजा गया है।
चंद्रेश वर्मा मूल रूप से सफदरगंज थाना क्षेत्र के वीर बलपुरवा के निवासी हैं। वह शहर के मोहरी पुरवा में मकान बनाकर रहते हैं। लखनऊ रेफर होने से पहले उन्होंने पत्रकारों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचहरी से घर लौटने के बाद वह शौच के लिए मैदान में गए थे। वहां पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने पहले हाथापाई की, फिर पेट में गोली मार दी। उन्होंने भनौली गांव के संग्राम, संतोष, बड़कऊ, अनीसा और उनके पुत्रों मथुरा व रविंद्र पर हमले का आरोप लगाया है।
आठ बीघा जमीन का है विवाद
अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा ने बताया कि उनके पिता के नाम की करीब आठ बीघा जमीन विपक्षियों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करवा ली थी। वह इस जमीन के मुकदमे में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे और जीतने वाले थे। हमलावरों ने गोली मारने से पहले कहा कि ऊपर जाकर वकालत करना, जब जिंदा नहीं रहोगे तो जमीन का मुकदमा कैसे लड़ोगे।
गोली लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं को समझाया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। एएसपी ने पत्रकारों को बताया कि जख्मी अधिवक्ता का अपने चाचा के पुत्रों से जमीन का विवाद है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके। जख्मी अधिवक्ता को लखनऊ रेफर किया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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चंद्रेश वर्मा मूल रूप से सफदरगंज थाना क्षेत्र के वीर बलपुरवा के निवासी हैं। वह शहर के मोहरी पुरवा में मकान बनाकर रहते हैं। लखनऊ रेफर होने से पहले उन्होंने पत्रकारों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचहरी से घर लौटने के बाद वह शौच के लिए मैदान में गए थे। वहां पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने पहले हाथापाई की, फिर पेट में गोली मार दी। उन्होंने भनौली गांव के संग्राम, संतोष, बड़कऊ, अनीसा और उनके पुत्रों मथुरा व रविंद्र पर हमले का आरोप लगाया है।
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आठ बीघा जमीन का है विवाद
अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा ने बताया कि उनके पिता के नाम की करीब आठ बीघा जमीन विपक्षियों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करवा ली थी। वह इस जमीन के मुकदमे में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे और जीतने वाले थे। हमलावरों ने गोली मारने से पहले कहा कि ऊपर जाकर वकालत करना, जब जिंदा नहीं रहोगे तो जमीन का मुकदमा कैसे लड़ोगे।
गोली लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं को समझाया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। एएसपी ने पत्रकारों को बताया कि जख्मी अधिवक्ता का अपने चाचा के पुत्रों से जमीन का विवाद है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके। जख्मी अधिवक्ता को लखनऊ रेफर किया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
