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Barabanki News: खुद के इलाज की दरकार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय
Fri, 07 Aug 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:01 AM IST
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घुंघटेर। निंदूरा गांव में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। अस्पताल की छत से लगातार पानी टपक रहा है। ऐसे में इस जर्जर भवन में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ ही कार्यरत कर्मचारियों व चिकित्सकों की सुरक्षा भी दांव पर रहती है। भवन का प्लास्टर भी कई जगह से टूटकर गिर चुका है। स्लैब में आई दरारें किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ा रही हैं।
चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. सुनील वर्मा ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। बारिश के दौरान कर्मचारियों को टपकती छत के बीच इलाज कराने को विवश होन पड़ता है। परिसर सहित कई कक्षों में पानी भर जाने के कारण मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन की स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र भेजकर इसकी मरम्मत की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. सुनील वर्मा ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। बारिश के दौरान कर्मचारियों को टपकती छत के बीच इलाज कराने को विवश होन पड़ता है। परिसर सहित कई कक्षों में पानी भर जाने के कारण मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन की स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र भेजकर इसकी मरम्मत की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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