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Barabanki News: मोबाइल डाटा से तलाशे जा रहे मौत के सुराग
Mon, 03 Aug 2026 02:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:04 AM IST
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बाराबंकी। पीएसी सिपाही दीपक सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने उनका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल की गेमिंग हिस्ट्री और घटना से पहले के 24 घंटे की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यह देखा जा रहा है कि वह कौन-से गेम खेलते थे, किन लोगों से उनकी बातचीत होती थी और क्या किसी तरह का आर्थिक लेनदेन या दबाव था।
इसी बीच विशेषज्ञों ने ऑनलाइन गेमिंग की लत को गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या बताया है। जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आरती यादव के अनुसार लगातार गेम खेलने से दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है, जिससे इसकी लत लग जाती है। हार, आर्थिक नुकसान या ब्लैकमेलिंग जैसी स्थितियों में व्यक्ति अवसाद में जा सकता है और कई बार आत्मघाती कदम भी उठा सकता है। उल्लेखनीय है कि इसी पीएसी परिसर में करीब ढाई माह पहले महिला सिपाही शिल्पी का शव भी फंदे से लटका मिला था, जिसकी जांच अभी जारी है।
ढाई माह पहले महिला सिपाही ने फंदे पर लटक दी थी जान
10वी वाहिनी पीएसी परिसर में ढाई महीने पहले भी महिला सिपाही का शव फंदे पर लटका मिला था। अब इस घटना के बाद से सभी हैरत में हैं। इटावा जिले के जसवंतनगर की रहने वाली शिल्पी (28) वर्ष 2016 में खेल कोटे से पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। वह फेंसिंग (तलवारबाजी) की खिलाड़ी थीं। उनकी तैनाती कानपुर में थी। उन्हें 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी से संबद्ध किया गया था, जहां वह फेंसिंग की प्रैक्टिस कर रही थीं। 12 मई 2026 को कमरे मेंं शिल्पी का शव फंदे से लटका पाया गया था। परिजनों का आरोप था कि प्रेम संबंध में मिले धोखे के कारण शिल्पी ने आत्मघाती कदम उठाया। जांच अभी चल रही रही है।
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इसी बीच विशेषज्ञों ने ऑनलाइन गेमिंग की लत को गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या बताया है। जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आरती यादव के अनुसार लगातार गेम खेलने से दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है, जिससे इसकी लत लग जाती है। हार, आर्थिक नुकसान या ब्लैकमेलिंग जैसी स्थितियों में व्यक्ति अवसाद में जा सकता है और कई बार आत्मघाती कदम भी उठा सकता है। उल्लेखनीय है कि इसी पीएसी परिसर में करीब ढाई माह पहले महिला सिपाही शिल्पी का शव भी फंदे से लटका मिला था, जिसकी जांच अभी जारी है।
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ढाई माह पहले महिला सिपाही ने फंदे पर लटक दी थी जान
10वी वाहिनी पीएसी परिसर में ढाई महीने पहले भी महिला सिपाही का शव फंदे पर लटका मिला था। अब इस घटना के बाद से सभी हैरत में हैं। इटावा जिले के जसवंतनगर की रहने वाली शिल्पी (28) वर्ष 2016 में खेल कोटे से पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। वह फेंसिंग (तलवारबाजी) की खिलाड़ी थीं। उनकी तैनाती कानपुर में थी। उन्हें 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी से संबद्ध किया गया था, जहां वह फेंसिंग की प्रैक्टिस कर रही थीं। 12 मई 2026 को कमरे मेंं शिल्पी का शव फंदे से लटका पाया गया था। परिजनों का आरोप था कि प्रेम संबंध में मिले धोखे के कारण शिल्पी ने आत्मघाती कदम उठाया। जांच अभी चल रही रही है।
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