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Barabanki News: मंत्री व विधायक द्वारा गोद लिए परिषदीय स्कूल भी बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:56 AM IST
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- 19 बिदुओं पर स्कूल का कराना था विकास, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। जिले के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए स्कूलों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया है। गोद लेने वाले मंत्री, विधायक व अधिकारी इन स्कूलों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि उन्हें 19 बिंदुओं पर स्कूलों का विकास कराना था। कई तो गोद लेने के बाद स्कूलों का हाल जानने तक नहीं आए, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य अधूरा रह गया है।
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विधायक के गोद लिए विद्यालय में पेयजल नहीं
फतेहपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिरदहन पुरवा को विधायक साकेंद्र वर्मा ने गोद लिया था। वर्तमान में विद्यालय परिसर में आधी-अधूरी इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ है और आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) की व्यवस्था न होने से बच्चों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति विद्यालय के विकास की पोल खोल रही है।
अछेछा में गंदगी और टूटी बाउंड्री
रामनगर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय अछेछा की बाउंड्री टूटी पड़ी है। एसडीएम विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे बिना ड्रेस के मिले, जो शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है। सफाईकर्मी के अनुपस्थित रहने से विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है और कूड़े के ढेर जगह-जगह दिखाई दे रहे हैं।
राज्यमंत्री के गोद लिए स्कूल में बाउंड्री वाल नहीं
दरियाबाद क्षेत्र के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल गोकुला को राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गोद लिया था। प्रधानाचार्य चंद्रभान यादव के अनुसार, बारिश में विद्यालय के पीछे की बाउंड्री वाल गिर गई थी, जिसे अभी तक नहीं बनाया गया है।
पूर्व सांसद को गोद लिया विद्यालय दयनीय
कंपोजिट विद्यालय हेतमापुर को पूर्व सांसद उपेंद्र रावत ने गोद लिया था। प्रधानाचार्य मो. तुफैल ने बताया कि गोद लेने के बाद से कोई भी प्रतिनिधि विद्यालय का निरीक्षण करने नहीं आया है। शौचालय की हालत अत्यंत दयनीय है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बच्चे शौच के लिए इधर-उधर जाने को मजबूर हैं।
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बीएसए नवीन पाठक ने बताया कि, पूर्व में जो विद्यालय गोद लिए गए थे, उनका विकास कराया जा चुका है। जिन विद्यालयों में किसी कारणवश कार्य नहीं हो पाए हैं, इसके लिए संबंधित से पत्राचार किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। जिले के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए स्कूलों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया है। गोद लेने वाले मंत्री, विधायक व अधिकारी इन स्कूलों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि उन्हें 19 बिंदुओं पर स्कूलों का विकास कराना था। कई तो गोद लेने के बाद स्कूलों का हाल जानने तक नहीं आए, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य अधूरा रह गया है।
विधायक के गोद लिए विद्यालय में पेयजल नहीं
फतेहपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिरदहन पुरवा को विधायक साकेंद्र वर्मा ने गोद लिया था। वर्तमान में विद्यालय परिसर में आधी-अधूरी इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ है और आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) की व्यवस्था न होने से बच्चों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति विद्यालय के विकास की पोल खोल रही है।
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अछेछा में गंदगी और टूटी बाउंड्री
रामनगर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय अछेछा की बाउंड्री टूटी पड़ी है। एसडीएम विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे बिना ड्रेस के मिले, जो शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है। सफाईकर्मी के अनुपस्थित रहने से विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है और कूड़े के ढेर जगह-जगह दिखाई दे रहे हैं।
राज्यमंत्री के गोद लिए स्कूल में बाउंड्री वाल नहीं
दरियाबाद क्षेत्र के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल गोकुला को राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गोद लिया था। प्रधानाचार्य चंद्रभान यादव के अनुसार, बारिश में विद्यालय के पीछे की बाउंड्री वाल गिर गई थी, जिसे अभी तक नहीं बनाया गया है।
पूर्व सांसद को गोद लिया विद्यालय दयनीय
कंपोजिट विद्यालय हेतमापुर को पूर्व सांसद उपेंद्र रावत ने गोद लिया था। प्रधानाचार्य मो. तुफैल ने बताया कि गोद लेने के बाद से कोई भी प्रतिनिधि विद्यालय का निरीक्षण करने नहीं आया है। शौचालय की हालत अत्यंत दयनीय है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बच्चे शौच के लिए इधर-उधर जाने को मजबूर हैं।
बीएसए नवीन पाठक ने बताया कि, पूर्व में जो विद्यालय गोद लिए गए थे, उनका विकास कराया जा चुका है। जिन विद्यालयों में किसी कारणवश कार्य नहीं हो पाए हैं, इसके लिए संबंधित से पत्राचार किया जाएगा।