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Barabanki News: श्रीराम गुरुकुल कॉरिडोर बनाने की मांग, टीम गठित
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:40 AM IST
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बाराबंकी। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर नगर पंचायत सतरिख में सप्तऋषि आश्रम को श्रीराम गुरुकुल कॉरिडोर बनाए जाने की मांग पर डीएम शशांक त्रिपाठी ने दो अधिकारियों की टीम गठित की है। इस संबंध में अमर उजाला ने सात अप्रैल को एक खबर भी प्रकाशित की थी। साहित्यकार अजय सिंह गुरु ने समाचार की कटिंग के साथ बुधवार को डीएम को ज्ञापन दिया, जिस पर डीएम ने कार्रवाई की।
टीम में एसडीएम नवाबगंज एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी मनीषा को शामिल किया गया है। डीएम ने बताया कि दो अधिकारियों की यह टीम सतरिख में सप्तऋषि आश्रम होने का दावा करने वाले विभिन्न आश्रमों की जमीनी हकीकत देखेगी। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं की तलाश कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद श्रीराम गुरुकुल कॉरिडोर बनाने के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
साहित्यकार अजय सिंह ने बताया कि सतरिख को सप्तऋषि और भगवान श्रीराम का गुरुकुल भी कहा जाता है। यह क्षेत्र भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की शिक्षा का केंद्र रहा है। सतरिख में सप्तऋषि आश्रम होने के कई प्रमाण मौजूद हैं। वशिष्ट भी सप्तऋषियों में से एक थे। इसलिए उनका आश्रम भी अपनी गौरवगाथा के लायक बन सकेगा। दुनिया भर से लोग अयोध्या में श्रीराम के दर्शन करने आते हैं। वे यहां श्रीराम के गुरुकुल में भी आएंगे।
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उन्होंने बताया कि सतरिख-चिनहट सड़क पर रेठ नदी से सतरिख के थाना चौराहे तक व थाने से टीआरसी लॉ कॉलेज होते हुए जय गुरुदेव आश्रम तक का इलाका शामिल है।
इस क्षेत्र में उदासीन अखाड़ा, हरवंश औषधालय और प्राचीन देवघरा माता मंदिर हैं। श्रीराम चंद्र मिशन के आश्रम भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ये सभी सप्तऋषि आश्रम के रूप में प्रमाणित हैं।
टीम में एसडीएम नवाबगंज एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी मनीषा को शामिल किया गया है। डीएम ने बताया कि दो अधिकारियों की यह टीम सतरिख में सप्तऋषि आश्रम होने का दावा करने वाले विभिन्न आश्रमों की जमीनी हकीकत देखेगी। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं की तलाश कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद श्रीराम गुरुकुल कॉरिडोर बनाने के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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साहित्यकार अजय सिंह ने बताया कि सतरिख को सप्तऋषि और भगवान श्रीराम का गुरुकुल भी कहा जाता है। यह क्षेत्र भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की शिक्षा का केंद्र रहा है। सतरिख में सप्तऋषि आश्रम होने के कई प्रमाण मौजूद हैं। वशिष्ट भी सप्तऋषियों में से एक थे। इसलिए उनका आश्रम भी अपनी गौरवगाथा के लायक बन सकेगा। दुनिया भर से लोग अयोध्या में श्रीराम के दर्शन करने आते हैं। वे यहां श्रीराम के गुरुकुल में भी आएंगे।
उन्होंने बताया कि सतरिख-चिनहट सड़क पर रेठ नदी से सतरिख के थाना चौराहे तक व थाने से टीआरसी लॉ कॉलेज होते हुए जय गुरुदेव आश्रम तक का इलाका शामिल है।
इस क्षेत्र में उदासीन अखाड़ा, हरवंश औषधालय और प्राचीन देवघरा माता मंदिर हैं। श्रीराम चंद्र मिशन के आश्रम भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ये सभी सप्तऋषि आश्रम के रूप में प्रमाणित हैं।