{"_id":"695c0c6c9952f72df1047574","slug":"even-the-sun-failed-to-provide-relief-from-the-freezing-cold-barabanki-news-c-315-1-slko1014-155616-2026-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: धूप भी नहीं दिला पाई गलन भरी ठंड से राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: धूप भी नहीं दिला पाई गलन भरी ठंड से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। शीतलहर और सर्द हवा के चलते जिले में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। सोमवार को दिनभर चली ठंडी हवा के कारण धूप भी बेअसर साबित हुई। गलन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित है, जिसमें दैनिक मजदूरों को सर्वाधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 17.5 और न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी। विभाग का अनुमान है कि फिलहाल कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
कड़ाके की ठंड जहां लोगों को परेशान कर रही है, वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए लाभदायक बताया है। उप कृषि निदेशक (शोध) धीरेंद्र सिंह के अनुसार, यह मौसम गेहूं, आलू, सरसों समेत दलहनी और तिलहनी फसलों के विकास के लिए बहुत अच्छा है। उन्होंने बताया कि दिन में निकलने वाली धूप और रात की ठंड फसलों के लिए वरदान की तरह है, जिससे पैदावार बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाला गिरता है, तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
-- -- --
बाक्स
ठंड से बच्चे और बुजुर्गों को बचाएं
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय बाबू के अनुसार यह मौसम बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने सलाह दी है कि इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बताया कि ठंड के कारण बच्चे बहुत जल्दी सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
-- --
वर्जन
कड़ाके की ठंड को देखते हुए लोगों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश सभी एसडीएम और ईओ को दिए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर अलाव भी जलवाए जा रहे हैं।
- निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी
Trending Videos
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 17.5 और न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी। विभाग का अनुमान है कि फिलहाल कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कड़ाके की ठंड जहां लोगों को परेशान कर रही है, वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए लाभदायक बताया है। उप कृषि निदेशक (शोध) धीरेंद्र सिंह के अनुसार, यह मौसम गेहूं, आलू, सरसों समेत दलहनी और तिलहनी फसलों के विकास के लिए बहुत अच्छा है। उन्होंने बताया कि दिन में निकलने वाली धूप और रात की ठंड फसलों के लिए वरदान की तरह है, जिससे पैदावार बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाला गिरता है, तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
बाक्स
ठंड से बच्चे और बुजुर्गों को बचाएं
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय बाबू के अनुसार यह मौसम बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने सलाह दी है कि इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बताया कि ठंड के कारण बच्चे बहुत जल्दी सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
वर्जन
कड़ाके की ठंड को देखते हुए लोगों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश सभी एसडीएम और ईओ को दिए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर अलाव भी जलवाए जा रहे हैं।
- निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी
