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Barabanki News: युवक की हत्या में प्रेमिका के माता-पिता व भाई को उम्रकैद
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बाराबंकी। रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में करीब आठ वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में अदालत ने प्रेमिका के माता-पिता व भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के माता-पिता को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के पूरे पूरन मजरे सनौली निवासी संतराम रावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 27 जुलाई 2018 की सुबह गांव के ही रामसुरेश की पत्नी ने बताया कि संतराम का पुत्र धर्मराज उर्फ सोमनाथ उनके आंगन में पड़ा है। इस पर संतराम व अन्य परिजन उसके घर पहुंचे तो देखा कि धर्मराज बोल नहीं पा रहा था। उनके गले में काले निशान थे और उसका शरीर ऐंठ रहा था।
इस पर संतराम ने आरोप लगाया कि रामसुरेश उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र लवकुश ने उनके पुत्र को जबरन फंदे पर लटकाया है। इलाज के दौरान धर्मराज की मौत हो गई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अपने बयान में वादी यानी मृतक के पिता ने बताया कि अभियुक्त रामसुरेश की पुत्री से उनके पुत्र का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी कारण तीनों अभियुक्तों ने उनके पुत्र की हत्या कर दी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने रामसुरेश उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र लवकुश को सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के पूरे पूरन मजरे सनौली निवासी संतराम रावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 27 जुलाई 2018 की सुबह गांव के ही रामसुरेश की पत्नी ने बताया कि संतराम का पुत्र धर्मराज उर्फ सोमनाथ उनके आंगन में पड़ा है। इस पर संतराम व अन्य परिजन उसके घर पहुंचे तो देखा कि धर्मराज बोल नहीं पा रहा था। उनके गले में काले निशान थे और उसका शरीर ऐंठ रहा था।
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इस पर संतराम ने आरोप लगाया कि रामसुरेश उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र लवकुश ने उनके पुत्र को जबरन फंदे पर लटकाया है। इलाज के दौरान धर्मराज की मौत हो गई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अपने बयान में वादी यानी मृतक के पिता ने बताया कि अभियुक्त रामसुरेश की पुत्री से उनके पुत्र का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी कारण तीनों अभियुक्तों ने उनके पुत्र की हत्या कर दी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने रामसुरेश उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र लवकुश को सजा सुनाई।
