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Barabanki News: लोधेश्वर महादेव मंदिर का 48.79 करोड़ से होगा कायाकल्प
Mon, 27 Jul 2026 01:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:55 AM IST
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लोधेश्वर महादेवा
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बाराबंकी। जिले के प्राचीन लोधेश्वर महादेव मंदिर का जल्द ही आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग ने 48.79 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। इसके तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना का उद्देश्य धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
काशी मॉडल की तर्ज पर विकसित की जा रही इस परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री पहले ही कर चुके हैं। करीब 12,980 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले परिसर में हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स, प्रवेश द्वार, कवर्ड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, लैंडस्केपिंग और दुकानों की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस परियोजना का निर्माण करा रही है।
परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य में तेजी आई है। मुख्य भवन की पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य जारी है। अगले वर्ष अक्तूबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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ये सुविधाएं होंगी
परियोजना के तहत पांच प्रवेश द्वार, 2,734 वर्गमीटर में लैंडस्केपिंग, 652 मीटर लंबा और 3.25 मीटर चौड़ा कवर्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। पुरुषों और महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय तथा दिव्यांगजन के लिए चार अलग शौचालय होंगे। इसके अलावा पेयजल सुविधा, सुरक्षा कर्मियों के लिए हॉल, नौ दुकानें, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, कंट्रोल रूम, पेंट्री और मेडिकल सेंटर भी विकसित किए जाएंगे।
लाखों श्रद्धालु करते हैं दर्शन
महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन शिवधाम है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग देश के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल है। महाभारत काल में पांडवों द्वारा यहां यज्ञ किए जाने की भी मान्यता है। महाशिवरात्रि पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
वर्जन
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। भूमि संबंधी चुनौतियों के बावजूद निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। - ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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काशी मॉडल की तर्ज पर विकसित की जा रही इस परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री पहले ही कर चुके हैं। करीब 12,980 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले परिसर में हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स, प्रवेश द्वार, कवर्ड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, लैंडस्केपिंग और दुकानों की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस परियोजना का निर्माण करा रही है।
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परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य में तेजी आई है। मुख्य भवन की पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य जारी है। अगले वर्ष अक्तूबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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ये सुविधाएं होंगी
परियोजना के तहत पांच प्रवेश द्वार, 2,734 वर्गमीटर में लैंडस्केपिंग, 652 मीटर लंबा और 3.25 मीटर चौड़ा कवर्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। पुरुषों और महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय तथा दिव्यांगजन के लिए चार अलग शौचालय होंगे। इसके अलावा पेयजल सुविधा, सुरक्षा कर्मियों के लिए हॉल, नौ दुकानें, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, कंट्रोल रूम, पेंट्री और मेडिकल सेंटर भी विकसित किए जाएंगे।
लाखों श्रद्धालु करते हैं दर्शन
महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन शिवधाम है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग देश के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल है। महाभारत काल में पांडवों द्वारा यहां यज्ञ किए जाने की भी मान्यता है। महाशिवरात्रि पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
वर्जन
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। भूमि संबंधी चुनौतियों के बावजूद निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। - ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी