{"_id":"6988d0c7a9519b533c0ca123","slug":"modern-pregnancy-testing-labs-will-be-opened-in-15-development-blocks-of-barabanki-barabanki-news-c-315-slko1012-158356-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: बाराबंकी के 15 विकास खंडों में खुलेंगी आधुनिक गर्भ परीक्षण लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: बाराबंकी के 15 विकास खंडों में खुलेंगी आधुनिक गर्भ परीक्षण लैब
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रुतिमान शुक्ल
बाराबंकी। दुधारू पशुओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने और पशुपालन को पूरी तरह हाईटेक व डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले के सभी 15 विकास खंडों में आईटी इनेबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होते ही पशुओं का गर्भ परीक्षण अब एक माह के भीतर संभव हो सकेगा, जबकि अभी तक पशुपालकों को इसकी पुष्टि के लिए तीन माह तक इंतजार करना पड़ता था।
कृषि प्रधान बाराबंकी जिला पशुपालन के क्षेत्र में भी प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। 20वीं पशुगणना के अनुसार जिले में करीब सात लाख गोवंशीय व महिषवंशीय पशु मौजूद हैं। इनमें मादा पशुओं की संख्या आधे से अधिक है, लेकिन हैरान करने वाली सच्चाई यह है कि इनमें भी प्रजनन योग्य कम हैं। यही कारण है कि जिले में पशुधन विकास की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है। अब तक उन्नत नस्ल के विकास के लिए कृत्रिम गर्भाधान की पारंपरिक पद्धति अपनाई जा रही थी, जिसमें गर्भ ठहरने की जांच तीन माह बाद होती थी। इस लंबे अंतराल में पशुपालकों को अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी होती थी। नई व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। नई पहल के तहत हर ब्लॉक स्तर पर स्थापित होने वाली आईटी इनेबल्ड प्रयोगशालाओं में वर्गीकृत वीर्य से किए गए कृत्रिम गर्भाधान के लिए आधुनिक गर्भ परीक्षण किट उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक प्रयोगशाला में टैबलेट या कंप्यूटर की सुविधा होगी, जिसके माध्यम से गर्भवती पशुओं का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। यानी पशुओं के गर्भाधान से लेकर गर्भ परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगी।
पशु पालकों को मुफ्त मिलेगी सुविधा
जिले में तीन दर्जन राजकीय पशु चिकित्सालय हैं। लेकिन 15 ब्लॉक के 15 चिकित्सालय में सुविधा शुरू होगी। पशुपालन विभाग प्रथम चरण में इसका ट्रायल करने के लिए चिकित्सालय चयनित करेगा। प्रभारी सीवीओ डॉ. सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि पशुपालकों को इस सुविधा को बेहतर लाभ मिलेगा।
......
Trending Videos
बाराबंकी। दुधारू पशुओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने और पशुपालन को पूरी तरह हाईटेक व डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले के सभी 15 विकास खंडों में आईटी इनेबल्ड पशु गर्भ परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होते ही पशुओं का गर्भ परीक्षण अब एक माह के भीतर संभव हो सकेगा, जबकि अभी तक पशुपालकों को इसकी पुष्टि के लिए तीन माह तक इंतजार करना पड़ता था।
कृषि प्रधान बाराबंकी जिला पशुपालन के क्षेत्र में भी प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। 20वीं पशुगणना के अनुसार जिले में करीब सात लाख गोवंशीय व महिषवंशीय पशु मौजूद हैं। इनमें मादा पशुओं की संख्या आधे से अधिक है, लेकिन हैरान करने वाली सच्चाई यह है कि इनमें भी प्रजनन योग्य कम हैं। यही कारण है कि जिले में पशुधन विकास की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है। अब तक उन्नत नस्ल के विकास के लिए कृत्रिम गर्भाधान की पारंपरिक पद्धति अपनाई जा रही थी, जिसमें गर्भ ठहरने की जांच तीन माह बाद होती थी। इस लंबे अंतराल में पशुपालकों को अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी होती थी। नई व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। नई पहल के तहत हर ब्लॉक स्तर पर स्थापित होने वाली आईटी इनेबल्ड प्रयोगशालाओं में वर्गीकृत वीर्य से किए गए कृत्रिम गर्भाधान के लिए आधुनिक गर्भ परीक्षण किट उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक प्रयोगशाला में टैबलेट या कंप्यूटर की सुविधा होगी, जिसके माध्यम से गर्भवती पशुओं का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। यानी पशुओं के गर्भाधान से लेकर गर्भ परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशु पालकों को मुफ्त मिलेगी सुविधा
जिले में तीन दर्जन राजकीय पशु चिकित्सालय हैं। लेकिन 15 ब्लॉक के 15 चिकित्सालय में सुविधा शुरू होगी। पशुपालन विभाग प्रथम चरण में इसका ट्रायल करने के लिए चिकित्सालय चयनित करेगा। प्रभारी सीवीओ डॉ. सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि पशुपालकों को इस सुविधा को बेहतर लाभ मिलेगा।
......