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Barabanki News: सहालग में दोगुना महंगे हो गए ताजे फूल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 09 Feb 2026 01:55 AM IST
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सजावटी फूलों को सहेजते फूलों के कारोबारी जाबिर।
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बाराबंकी। शादी-ब्याह का सीजन शुरू हाेते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सगाई, गोदभराई, जयमाल, मंडप से लेकर कार और डोली तक, हर रस्म में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। दूल्हे की कार हो या घर व डोली की सजावट, इसको लेकर फूलों की मांग बढ़ने से इनकी कीमतें दोगुना हाे गई है।
सहालग के चलते फूलों के दामों में ऐसा उछाल आया है कि कार, मंडप व घर की सजावट का खर्च देखते ही देखते दोगुना हो गया है। गुलाब, गेंदा, जरबेरा, आर्किड, लिली आदि फूलों की बढ़ती कीमतों ने शादी की तैयारियों में जुड़े परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। पहले दूल्हे की कार जो 1500 रुपये में सजती थी वह अब करीब तीन हजार रुपये में सज रही है। फूलों का कारोबार करने वाले मोहित बताते हैं कि फूलाें को मंडी से लाने फिर उन्हें सुरक्षित रखना चुनौती है। एक दिन बाद ही फूल खराब हाेने लगते हैं। कलर्ड गुलाब का बंडल सात सौ रुपये का है इसमें सिर्फ 20 फूल ही होते हैं।
फूलों के व्यापारी राहुल सैनी कहते हैं कि सहालग के चलते फूलों की मांग बढ़ी है। सारे फूल लखनऊ से जाए जाते हैं। लखनऊ की मंडी में लाल गुलाब आठ से नौ सौ रुपये में मिल रहा है। जरबेरा का बंडल में 10 फूल होते हैं और पांच सौ रुपये का मुश्किल से मिल रहा है। महंगाई के बावजूद ज्यादातर लोग चुनरी व ताजे और असली फूलों से सजावट कराते हैं।
बढ़ा कृत्रिम फूलों का कारोबार
ताजे फूलों की महक भले ही सजावट में चार चांद लगाती हो लेकिन सहालग में महंगाई के कारण कृत्रिम फूलों ने इनकी खुशबू फीकी कर दी है। आयोजन स्थलों, घरों और वाहन की सजावट में अब कृत्रिम फूलों का जमकर प्रयोग हो रहा है। कृत्रिम फूलों के कारोबारी जाबिर बताते हैं कि शादी को यादगार बनाने के लिए लोग नई थीम व डिजाइन की मांग करते हैं। कृत्रिम फूलों से मांग के अनुसार सजावट करना आसान होता है। कृत्रिम फूल कोलकाता, मुंबई और दिल्ली से मंगाए जाते हैं।
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सहालग के चलते फूलों के दामों में ऐसा उछाल आया है कि कार, मंडप व घर की सजावट का खर्च देखते ही देखते दोगुना हो गया है। गुलाब, गेंदा, जरबेरा, आर्किड, लिली आदि फूलों की बढ़ती कीमतों ने शादी की तैयारियों में जुड़े परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। पहले दूल्हे की कार जो 1500 रुपये में सजती थी वह अब करीब तीन हजार रुपये में सज रही है। फूलों का कारोबार करने वाले मोहित बताते हैं कि फूलाें को मंडी से लाने फिर उन्हें सुरक्षित रखना चुनौती है। एक दिन बाद ही फूल खराब हाेने लगते हैं। कलर्ड गुलाब का बंडल सात सौ रुपये का है इसमें सिर्फ 20 फूल ही होते हैं।
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फूलों के व्यापारी राहुल सैनी कहते हैं कि सहालग के चलते फूलों की मांग बढ़ी है। सारे फूल लखनऊ से जाए जाते हैं। लखनऊ की मंडी में लाल गुलाब आठ से नौ सौ रुपये में मिल रहा है। जरबेरा का बंडल में 10 फूल होते हैं और पांच सौ रुपये का मुश्किल से मिल रहा है। महंगाई के बावजूद ज्यादातर लोग चुनरी व ताजे और असली फूलों से सजावट कराते हैं।
बढ़ा कृत्रिम फूलों का कारोबार
ताजे फूलों की महक भले ही सजावट में चार चांद लगाती हो लेकिन सहालग में महंगाई के कारण कृत्रिम फूलों ने इनकी खुशबू फीकी कर दी है। आयोजन स्थलों, घरों और वाहन की सजावट में अब कृत्रिम फूलों का जमकर प्रयोग हो रहा है। कृत्रिम फूलों के कारोबारी जाबिर बताते हैं कि शादी को यादगार बनाने के लिए लोग नई थीम व डिजाइन की मांग करते हैं। कृत्रिम फूलों से मांग के अनुसार सजावट करना आसान होता है। कृत्रिम फूल कोलकाता, मुंबई और दिल्ली से मंगाए जाते हैं।