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Barabanki News: कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बना रहा एनआरसी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 20 May 2026 01:44 AM IST
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बाराबंकी। कुपोषण का शिकार बच्चों को सेहतमंद बनाने का कार्य एनआरसी में हो रहा है। इसका लाभ इनकी माताओं को भी मिल रहा है। इस केंद्र पर प्रशासन की विशेष नजर है और डीएम समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करते हैं। देखा जाए तो यहां पर वर्ष 2022 से अब तक कुल 889 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया। इनमें से 880 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घरों को जा चुके हैं।
जिला अस्पताल में संचालित कुपोषण पुनर्वास केंद्र में कम वजन वाले बच्चों को विशेष रूप से भर्ती किया जाता है। चिकित्सकों की सलाह पर उनका उपचार किया जाता है। बच्चों को निर्धारित समय पर दवाएं, नाश्ता और पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। उनके साथ रहने वाली माताओं को भी नाश्ता और भोजन दिया जाता है।
केंद्र की नोडल रचना श्रीवास्तव ने बताया कि एनआरसी में बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी सुविधा मिलती है। माताओं को बच्चों के साथ रहने के दौरान नाश्ता और भोजन दिया जाता है। इससे उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करने में आसानी होती है।
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बढ़ा वजन और सुधरी सेहत
सीतापुर जिले के महमूदाबाद निवासी कलावती बताती हैं कि उनके बेटे का वजन 5.100 किग्रा का रह गया था। कुछ भी नहीं खाता था यदि कोई चीज खिला दो उल्टी कर देता था। एक सप्ताह में सेहत सुधरी और वजन 5.900 किग्रा के आसपास पहुंच गया। इसी प्रकार कोठी की रहने वाली शीला ने बताया कि हालत बिगड़ने पर लगातार सेहत गिरने पर चिकित्सकों की सलाह पर एक सप्ताह पहले यहां पर बच्चे को भर्ती कराया था। उस समय वजन 5.900 किग्रा का था। एक सप्ताह के इलाज के बाद बच्चे की सेहत में सुधार हुआ और वजन 6.650 किग्रा पहुंच गया। इस तरह से यहां पर भर्ती होने वाले ज्यादातर बच्चों की सेहत में सुधार होता है।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि कुपोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए संचालित हो रहा है। यहां पर भर्ती होने वाले बच्चों की नियमित जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की जाती है और उन्हीं की सलाह पर बच्चों का उपचार किया जाता है।
जिला अस्पताल में संचालित कुपोषण पुनर्वास केंद्र में कम वजन वाले बच्चों को विशेष रूप से भर्ती किया जाता है। चिकित्सकों की सलाह पर उनका उपचार किया जाता है। बच्चों को निर्धारित समय पर दवाएं, नाश्ता और पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। उनके साथ रहने वाली माताओं को भी नाश्ता और भोजन दिया जाता है।
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केंद्र की नोडल रचना श्रीवास्तव ने बताया कि एनआरसी में बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी सुविधा मिलती है। माताओं को बच्चों के साथ रहने के दौरान नाश्ता और भोजन दिया जाता है। इससे उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करने में आसानी होती है।
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सीतापुर जिले के महमूदाबाद निवासी कलावती बताती हैं कि उनके बेटे का वजन 5.100 किग्रा का रह गया था। कुछ भी नहीं खाता था यदि कोई चीज खिला दो उल्टी कर देता था। एक सप्ताह में सेहत सुधरी और वजन 5.900 किग्रा के आसपास पहुंच गया। इसी प्रकार कोठी की रहने वाली शीला ने बताया कि हालत बिगड़ने पर लगातार सेहत गिरने पर चिकित्सकों की सलाह पर एक सप्ताह पहले यहां पर बच्चे को भर्ती कराया था। उस समय वजन 5.900 किग्रा का था। एक सप्ताह के इलाज के बाद बच्चे की सेहत में सुधार हुआ और वजन 6.650 किग्रा पहुंच गया। इस तरह से यहां पर भर्ती होने वाले ज्यादातर बच्चों की सेहत में सुधार होता है।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि कुपोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषित बच्चों के लिए संचालित हो रहा है। यहां पर भर्ती होने वाले बच्चों की नियमित जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की जाती है और उन्हीं की सलाह पर बच्चों का उपचार किया जाता है।