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Barabanki News: एक परीक्षक जांचेंगे 45 से 50 कॉपी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:56 AM IST
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बाराबंकी। यूपी बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस बार नए नियम लागू किए गए हैं।
para_count-0 मूल्यांकन प्रक्रिया में एक परीक्षक प्रतिदिन अधिकतम हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की 45 उत्तर पुस्तिकाओं का ही मूल्यांकन कर सकेगा। वहीं, पूरी मूल्यांकन अवधि के दौरान कला वर्ग का एक परीक्षक अधिकतम 800 कॉपियां जांच पाएगा, जबकि विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट की 600 और हाईस्कूल की 700 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भी निर्धारित किया गया है। हाईस्कूल की एक कॉपी जांचने पर 14 रुपये और इंटरमीडिएट की एक कॉपी जांचने पर 15 रुपये दिए जाएंगे। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी अत्याधुनिक तकनीक से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की तरह ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। यूपी बोर्ड के अधिकारी लगातार केंद्रों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। para_count-0
para_count-1 परिषद ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं में भी बदलाव किया है। पहली बार सभी विषयों की कॉपियों के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक नंबर अंकित किए गए हैं, जिससे कॉपियों की पहचान और ट्रैकिंग आसान होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी। para_count-1
para_count-2 शहर के जीआईसी व जीजीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होने के बाद संकलन केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ट्रकों के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इस बार परिवहन व्यवस्था भी सख्त की गई है। ट्रकों के साथ कर्मचारियों के लिए अलग वाहन की व्यवस्था होगी और ट्रक में किसी भी कर्मचारी को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। para_count-2
para_count-3 मूल्यांकन के लिए परीक्षकों की नियुक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर परीक्षकों की कमी होती है तो मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध प्रतीक्षा सूची से भी ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति कर सकेंगे, ताकि मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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para_count-0 मूल्यांकन प्रक्रिया में एक परीक्षक प्रतिदिन अधिकतम हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की 45 उत्तर पुस्तिकाओं का ही मूल्यांकन कर सकेगा। वहीं, पूरी मूल्यांकन अवधि के दौरान कला वर्ग का एक परीक्षक अधिकतम 800 कॉपियां जांच पाएगा, जबकि विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट की 600 और हाईस्कूल की 700 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भी निर्धारित किया गया है। हाईस्कूल की एक कॉपी जांचने पर 14 रुपये और इंटरमीडिएट की एक कॉपी जांचने पर 15 रुपये दिए जाएंगे। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी अत्याधुनिक तकनीक से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की तरह ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मूल्यांकन केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। यूपी बोर्ड के अधिकारी लगातार केंद्रों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। para_count-0
para_count-1 परिषद ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं में भी बदलाव किया है। पहली बार सभी विषयों की कॉपियों के प्रत्येक पृष्ठ पर केंद्रवार गोपनीय न्यूमेरिक नंबर अंकित किए गए हैं, जिससे कॉपियों की पहचान और ट्रैकिंग आसान होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी। para_count-1
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para_count-2 शहर के जीआईसी व जीजीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। बोर्ड परीक्षा 12 मार्च को समाप्त होने के बाद संकलन केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ट्रकों के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इस बार परिवहन व्यवस्था भी सख्त की गई है। ट्रकों के साथ कर्मचारियों के लिए अलग वाहन की व्यवस्था होगी और ट्रक में किसी भी कर्मचारी को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। para_count-2
para_count-3 मूल्यांकन के लिए परीक्षकों की नियुक्ति ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर परीक्षकों की कमी होती है तो मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध प्रतीक्षा सूची से भी ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति कर सकेंगे, ताकि मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।