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Barabanki News: नियम ताक पर, स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे
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बाराबंकी। सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहन बच्चों की सुरक्षा के सारे मानकों को दरकिनार कर रहे हैं। नियम है कि चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। बसों में छात्राओं के लिए महिला अटेंडेंट या प्रशिक्षित कंडक्टर अनिवार्य है लेकिन इन नियमों का अनुपालन शायद ही किसी बस में हो रहा हो।
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह स्कूलों के वाहनों को चेतावनी जारी करने और सुनवाई न होने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके उलट, शहर में ई रिक्शा, ऑटो व निजी वैन में बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाया जा रहा है।
टीएसआई रामयतन यादव का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। बीते दो दिनों में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे ले जाने वाले छह वाहनों का चालान किया गया है। एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि स्कूली वाहनों के रख रखाव के साथ नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है। सभी विद्यालयों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को स्कूली वैन व बसों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा पर भारी पड़ रहा मुनाफे का खेल
ड्राइवर अधिक कमाई के लालच में नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। एक फेरे में ज्यादा बच्चे भरकर मुनाफा बढ़ाने का खेल खुलेआम जारी है। ड्राइवर अपनी सीट के बगल दो-तीन बच्चों को बैठा लेते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इनको नहीं रोकती। प्रमुख चौराहों से क्षमता से अधिक भरे स्कूली वाहन निकल रहे हैं।
सड़क पर दौड़ रहे 95 वाहन अनफिट
जिले भर के सभी विद्यालयों के करीब दो हजार वाहनों का डाटा पोर्टल पर दर्ज है। जिसमें दर्ज डाटा बेस के अनुसार 95 वाहन अनफिट और 92 ऐसे वाहन हैं, जो बिना परमिट के संचालित हो रहे हैं। इनमें से 28 ऐसे वाहन हैं, जिनकी परमिट है न ही फिटनेस। ये कबाड़ घोषित किए जाने की प्रक्रिया में है।
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डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह स्कूलों के वाहनों को चेतावनी जारी करने और सुनवाई न होने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इसके उलट, शहर में ई रिक्शा, ऑटो व निजी वैन में बच्चों को क्षमता से अधिक बैठाया जा रहा है।
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टीएसआई रामयतन यादव का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। बीते दो दिनों में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे ले जाने वाले छह वाहनों का चालान किया गया है। एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि स्कूली वाहनों के रख रखाव के साथ नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है। सभी विद्यालयों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को स्कूली वैन व बसों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा पर भारी पड़ रहा मुनाफे का खेल
ड्राइवर अधिक कमाई के लालच में नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। एक फेरे में ज्यादा बच्चे भरकर मुनाफा बढ़ाने का खेल खुलेआम जारी है। ड्राइवर अपनी सीट के बगल दो-तीन बच्चों को बैठा लेते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इनको नहीं रोकती। प्रमुख चौराहों से क्षमता से अधिक भरे स्कूली वाहन निकल रहे हैं।
सड़क पर दौड़ रहे 95 वाहन अनफिट
जिले भर के सभी विद्यालयों के करीब दो हजार वाहनों का डाटा पोर्टल पर दर्ज है। जिसमें दर्ज डाटा बेस के अनुसार 95 वाहन अनफिट और 92 ऐसे वाहन हैं, जो बिना परमिट के संचालित हो रहे हैं। इनमें से 28 ऐसे वाहन हैं, जिनकी परमिट है न ही फिटनेस। ये कबाड़ घोषित किए जाने की प्रक्रिया में है।