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Barabanki News: मंदिर में फेरे से पहले जेवर लेकर दुल्हन भागी, रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:54 PM IST
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बाराबंकी। मजदूरी करने वाले एक युवक से मोबाइल से बात कर युवती ने दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे दोनों ने विवाह करने की ठानी। युवक ने 55 हजार के जेवर खरीदे और दुल्हन के संग मंदिर पहुंचे। फेरे लेने से ऐन वक्त पहले दुल्हन व उसके साथ आए दो अन्य लोगों ने पीला कपड़ा लाने को कहा। दूल्हा कपड़ा लेने गया और इधर दुल्हन व उसके साथ आए लोग जेवर समेत गायब हो गए। तीन महीने पहले हुई इस घटना को लेकर अदालत के आदेश पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई।
शहर के निकट भिटुहरा गांव निवासी संदीप कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-18 में अर्जी देकर बताया कि सितंबर 2025 की एक रात करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को अमृता यादव बताया और कहा कि वह अनाथ है तथा अयोध्या में रहती है। महिला ने बेहद भावनात्मक तरीके से बातचीत कर संदीप को अपने जाल में फंसा लिया। 26 सितंबर को महिला एक अन्य महिला के साथ संदीप को बाराबंकी बस स्टॉप पर मिली। संदीप के अनुसार विवाह की तैयारी के नाम पर शहर की एक धर्मशाला के पास से करीब 55 हजार रुपये के जेवर खरीदे गए, जिनका भुगतान संदीप ने खुद किया। इसके बाद तीनों लोग शादी करने के लिए धनोखर मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही दोनों महिलाओं ने संदीप से पीले रंग का कपड़ा लाने को कहा। संदीप जैसे ही कपड़ा लेने बाहर गया और वापस लौटा, तो मंदिर परिसर से दोनों महिलाएं व एक अन्य व्यक्ति गायब था। संदीप के अनुसार महिला का नाम असली आरती देवी है और वह फतेहपुर इलाके की निवासी है। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जांच हो रही है।
पुलिस ने डराया तो पहुंचे अदालत
संदीप के अनुसार वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा तो उसे उल्टा डराया गया कि उस पर यौन उत्पीड़न और एससी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। पुलिस की इस बेरुखी से हताश होकर संदीप ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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शहर के निकट भिटुहरा गांव निवासी संदीप कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-18 में अर्जी देकर बताया कि सितंबर 2025 की एक रात करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को अमृता यादव बताया और कहा कि वह अनाथ है तथा अयोध्या में रहती है। महिला ने बेहद भावनात्मक तरीके से बातचीत कर संदीप को अपने जाल में फंसा लिया। 26 सितंबर को महिला एक अन्य महिला के साथ संदीप को बाराबंकी बस स्टॉप पर मिली। संदीप के अनुसार विवाह की तैयारी के नाम पर शहर की एक धर्मशाला के पास से करीब 55 हजार रुपये के जेवर खरीदे गए, जिनका भुगतान संदीप ने खुद किया। इसके बाद तीनों लोग शादी करने के लिए धनोखर मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही दोनों महिलाओं ने संदीप से पीले रंग का कपड़ा लाने को कहा। संदीप जैसे ही कपड़ा लेने बाहर गया और वापस लौटा, तो मंदिर परिसर से दोनों महिलाएं व एक अन्य व्यक्ति गायब था। संदीप के अनुसार महिला का नाम असली आरती देवी है और वह फतेहपुर इलाके की निवासी है। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जांच हो रही है।
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पुलिस ने डराया तो पहुंचे अदालत
संदीप के अनुसार वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा तो उसे उल्टा डराया गया कि उस पर यौन उत्पीड़न और एससी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। पुलिस की इस बेरुखी से हताश होकर संदीप ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया।
