Bareilly News: जिले में 51 गोशालाएं होंगी बंद, आंवला में बनेगी बड़ी गोशाला; पशुधन मंत्री ने दिए निर्देश
बरेली जिले में बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिए नई कार्य योजना बनाई गई है। सोमवार को मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक में निर्णय लिया गया। इसके तहत 50 से कम गोवंश वाली 51 गोशालाएं बंद होंगी। आंवला में एक बड़ी गोशाला भी बनाई जाएगी।
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बरेली जिले में बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिए एक नई कार्य योजना बनाई गई है। सोमवार को दुग्ध एवं पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत 50 से कम गोवंश वाली 51 गोशालाओं को बंद किया जाएगा और आंवला में एक वृहद गोशाला का निर्माण होगा।
वर्तमान में जिले में 106 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 16,361 गोवंश संरक्षित हैं। सरकारी रिकॉर्ड में इतनी बड़ी संख्या में संरक्षण के बावजूद सड़कों पर बेसहारा पशुओं का झुंड दिखना चिंताजनक है। अधिकारियों ने 50 से कम गोवंश वाली गोशालाओं से पशुओं को शिफ्ट कर उन्हें बंद करने का प्रस्ताव दिया। ऐसी 51 गोशालाएं हैं जिन्हें बंद किया जाएगा। इससे प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती होगी, क्योंकि गोवंश संरक्षण का पूरा दबाव कुछ बड़ी गोशालाओं पर आ जाएगा।
मंत्री ने आंवला में बड़ी गोशाला बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। हालांकि, इसके निर्माण में जमीन, बजट और संचालन तक की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। मंडल के चारों जिलों से बेसहारा पशुओं के विचरण से हादसा और फसलों को नुकसान की शिकायतें मिल रही हैं। धर्मपाल सिंह ने गोशालाओं की बाउंड्रीवाल ऊंची करने और चबूतरे बनाने के निर्देश दिए।
गोचर भूमि को कब्जा मुक्त करने के निर्देश
मंत्री ने गोचर और चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। पर्याप्त चरागाह उपलब्ध होने पर गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था आसान हो सकती है। इससे गोशालाओं पर दबाव कम किया जा सकता है। इसके लिए राजस्व और प्रशासनिक स्तर पर अभियान चलाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराना होगा।
जिले में कुल 106 गोशालाएं चल रही हैं। इनमें 16,361 गोवंश को संरक्षित किया गया है। 51 गोशालाओं को बंद करने से प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती आएगी। यदि बड़ी गोशालाओं में अतिरिक्त क्षमता नहीं हुई तो गोवंश संरक्षण का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में तत्काल सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को लेकर व्यवस्था के सामने चुनौती बनी रहेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि बैठक में जो दिशा निर्देश मिले हैं। इसके तहत वीबीजी-राम जी योजना से गोशालाओं में चबूतरा, बाउंड्रीवाल समेत अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही गोशाला में संरक्षित पशुओं के भरण पोषण को लेकर भी संसाधन बढ़ाने के निर्देश मिले हैं।