Bareilly News: मंदिर से लौट रहे दंपती को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल
बरेली में नवाबगंज-सेंथल मार्ग पर शनिवार दोपहर हुए सड़क हादसे में 36 वर्षीय सूरज उर्फ रिंकू की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में सूरज की पत्नी सरिता गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका उपचार चल रहा है।
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बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में सेंथल मार्ग पर शनिवार दोपहर हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मंदिर से पूजा कर बाइक से घर लौट रहे पति-पत्नी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सड़क किनारे लगे पोल से जा टकराई। हादसे में बाइक चला रहे 36 वर्षीय सूरज उर्फ रिंकू की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सरिता गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल का उपचार चल रहा है।
गांव कुआंटांडा अहमदाबाद निवासी सूरज शनिवार दोपहर अपनी पत्नी सरिता के साथ मंदिर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नवाबगंज-सेंथल मार्ग पर अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पोल से जा भिड़ी और सूरज का सिर पोल से टकराकर बुरी तरह फट गया। सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी सरिता को प्राथमिक उपचार के बाद परिजन निजी अस्पताल ले गए।
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इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल
सूरज की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर मां मुन्नी देवी का कलेजा फट पड़ा। वह बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ीं और रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं, 'हे भगवान! मैं अपने इकलौते बेटे के बिना कैसे जिऊंगी... कोई तो मेरे बेटे को उठा दो।' मां की चीख सुनकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
पांच बहनों का इकलौता भाई था सूरज
सूरज पांच बहनों में इकलौते भाई थे। चार बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन आदेशवती की शादी को लेकर सूरज बड़े अरमान संजोए हुए थे। वह अपनी छोटी बहन की शादी धूमधाम से करने की बात अक्सर परिवार में किया करते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भाई की मौत के बाद छोटी बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सूरज अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पांच साल की मासूम बेटी है और महज पांच माह का एक बेटा, जो काफी बीमार है और जिसका इलाज नगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जिस मासूम बेटे को अभी अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना भी नहीं आया, आज उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
परिजनों का कहना है कि सूरज अपने बीमार बेटे के इलाज को लेकर बेहद चिंतित रहते थे। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनका बेटा स्वस्थ हो जाएगा और घर में फिर खुशियां लौटेंगी, लेकिन एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी।