युद्ध का असर: अमोनिया गैस के दाम दोगुने से अधिक, बरेली में नहीं हो सकी 25 फीसदी कोल्ड स्टोर को आपूर्ति
पश्चिमी एशिया में छिड़े युद्ध के कारण अमोनिया गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। अमोनिया गैस के दाम दोगुने से अधिक पहुंच गए हैं। बरेली जिले में आपूर्ति भी कम हुई है।
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पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी गैस की किल्लत के बाद कोल्ड स्टोरों में अमोनिया गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अमोनिया गैस के दाम दोगुने से अधिक पहुंच गए हैं। बरेली जिले में सप्लाई की कमी के चलते 25 फीसदी कोल्ड स्टोर संचालकों को सप्लायर आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इससे कोल्ड स्टोर मालिक परेशान हैं।
जिले में कुल कोल्ड स्टोरेज की संख्या 32 हैं। इसमें सब्जियों व फलों को रखने की क्षमता 1 लाख 56 हजार 112 मीट्रिक टन है। इसमें 90 फीसदी भंडारण भी हो चुका है। इन कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के कोल्ड स्टोर 23 व फ्री ऑन गैस के नौ हैं। फरीदपुर व फतेहगंज पूर्वी में 15 कोल्ड स्टोर, आंवला में 10, शहर में सात कोल्ड स्टोरेज हैं।
इसमें प्रयोग होने वाली अमोनिया गैस की दर पहले प्रति किलो 70 रुपये थी जो बढ़कर 200 रुपये के पास पहुंच गई है। वर्तमान में फिर घटकर 159 रुपये प्रति किलो हो गई है। यह उतार-चढ़ाव एक माह से बना हुआ है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि रेट में बढ़ोतरी से थोड़ी दिक्कत आई है, लेकिन सप्लाई में समस्या नहीं हो रही है।
छह महीने बाद सामान्य होंगे हालात
बरेली में अमोनिया गैस सप्लायर चंदौसी निवासी राहुल शुक्ला ने बताया कि अमोनिया गैस बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल, कासगंज, उत्तराखंड तक जाती है। 70 रुपये से 200 रुपये प्रति किलो तक भाव पहुंच गया था। यह घटकर 159 रुपये प्रति किलो हो गया है। यह हालात युद्ध खत्म होने के छह महीने बाद सामान्य होंगे। बरेली के अमोनिया गैस सप्लायर पीयूष अग्रवाल ने कहा कि युद्ध के चलते गैस की आपूर्ति थोड़ी कम हो रही है। शुरुआत में दिक्कत थी अब ठीक हो गई है। उपभोक्ताओं को 135 रुपये प्रतिकिलो गैस दी जा रही है
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अमोनिया गैस की दर में अंतर हो सकता है, लेकिन सप्लाई में बहुत समस्या नहीं आ रही है। फिलहाल कोल्ड स्टोर संचालकों ने ऐसी कोई समस्या नहीं बताई है।