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Bareilly News: फर्जी आधार कार्ड से खुलवाए बैंक खाते, 62 लाख की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार
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बरेली। कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए फर्जी आधार कार्ड के जरिये बैंक खाते खुलवाकर करीब 62 लाख रुपये के लेन-देन में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर निवासी 42 वर्षीय जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। उसके कब्जे से वास्तविक आधार कार्ड की छायाप्रति भी बरामद की गई है।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि नौ अप्रैल 2025 को कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में पता चला कि संबंधित बैंक खाता फर्जी आधार कार्ड देकर खुलवाया गया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइटों के माध्यम से झांसे में लेकर उनसे ठगी करता था। ठगी की रकम फर्जी अभिलेखों पर खुलवाए गए खातों में मंगवाकर डेबिट कार्ड और अन्य माध्यमों से निकाल ली जाती थी। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में धाराएं बढ़ाईं और शुक्रवार को विलयधाम फ्लाईओवर के नीचे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उसकी पहचान दो लोगों से हुई थी। उनके कहने पर उसने फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर बैंक खाते खुलवाने शुरू किए थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि नौ अप्रैल 2025 को कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में पता चला कि संबंधित बैंक खाता फर्जी आधार कार्ड देकर खुलवाया गया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइटों के माध्यम से झांसे में लेकर उनसे ठगी करता था। ठगी की रकम फर्जी अभिलेखों पर खुलवाए गए खातों में मंगवाकर डेबिट कार्ड और अन्य माध्यमों से निकाल ली जाती थी। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में धाराएं बढ़ाईं और शुक्रवार को विलयधाम फ्लाईओवर के नीचे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उसकी पहचान दो लोगों से हुई थी। उनके कहने पर उसने फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर बैंक खाते खुलवाने शुरू किए थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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