Bareilly: कांग्रेस की बैठक में पर्यवेक्षक के सामने भिड़े कार्यकर्ता, धक्का-मुक्की के साथ जमकर हुई गाली-गलौज
बरेली के आंवला में बृहस्पतिवार को कांग्रेस की बैठक में पार्टी के कार्यकर्ता भिड़ गए। धक्का-मुक्की के साथ जमकर गाली-गलौज हुई। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत किया।
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बरेली के आंवला में कांग्रेस पार्टी में चल रही गुटबाजी बृहस्पतिवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक जयेंद्र रमोला के सामने खुलकर सामने आ गई। बैठक के दौरान ही दो पक्षों में शुरू हुई नोकझोंक धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इस दौरान जमकर गालीगलौज भी हुई। बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत कराया जा सका। पर्यवेक्षक ने भी बंद कमरे में दोनों पक्षों से वार्ता की। शिकायतों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
संगठन सृजन अभियान के तहत बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे घेर अन्नू खां स्थित कांग्रेस के कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद के लिए आए आवेदनों पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष अशफाक सकलैनी, ओमवीर यादव सहित तमाम कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा चल रही थी।
कार्यकर्ताओं ने लगाया उपेक्षा का आरोप
इसी दौरान गुड्डू मलिक, अतुल गुप्ता, रामचंद्र मौर्य, राजीव गुप्ता, फरीद अहमद, विष्णु अवतार गुप्ता, सुदेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता बैठक में पहुंचे। उन्होंने उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि वह पुराने कार्यकर्ता हैं। इसके बावजूद पिछले सात वर्षों से उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों की सूचना तक नहीं दी जाती है। संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कुछ पदाधिकारियों ने पार्टी को अपनी निजी संपत्ति समझ लिया है। इसी का नतीजा है कि 2022 के चुनाव में हमारे प्रत्याशी को सिर्फ 2307 वोट मिले। प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई। इतनी खराब हालत पार्टी की इससे पहले कभी नहीं थी। क्षेत्र में पार्टी की गिरती साख से उनको पीड़ा होती है।
निवर्तमान नगर अध्यक्ष सरफराज बेग ने विरोध किया। इस दौरान गुड्डू मलिक से उनकी नोकझोंक हुई। हाथापाई की नौबत आ गई। हंगामा व गालीगलौज होती देख यहां मौजूद कार्यकर्ता सकते में आ गए। दोनों पक्ष झगड़ते हुए सड़क पर पहुंच गए। हंगामा होता देख राहगीर भी जुट गए। मामला बढ़ता देख राजेश्वर दयाल उर्फ बब्बन महाराज, नितिन महाराज ने बीचबचाव कराया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशफाक सकलैनी ने बताया कि बैठक के दौरान प्रभारी व मैं कक्ष के अंदर थे, वहां कोई विवाद नहीं हुआ। बाद में जानकारी मिली कि करीब सात साल से कांग्रेस की बैठकों व कार्यक्रमों से दूर और दूसरे संगठनों के संपर्क में रहने वाले कुछ लोगों ने बाहर कहीं झगड़ा किया है। कल इसकी जांच कमेटी गठित करेंगे। कोई कांग्रेसी अराजकता करता पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।