सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Cows died of hunger belched fodder held responsible FIR against nine including Pradhan

Bareilly News: गोशाला में भूख से मर गए गोवंश... चारा डकार गए जिम्मेदार, प्रधान समेत नौ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 16 Jan 2026 02:42 AM IST
विज्ञापन
सार

बरेली के गांव अनिरुद्धपुर की वृहद गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में पशुओं के चारे के लिए मिली धनराशि का ग्राम पंचायत द्वारा बंदरबाट करने का जिक्र है। 

Cows died of hunger belched fodder held responsible FIR against nine including Pradhan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बरेली जिले के मझगवां ब्लॉक के गांव अनिरुद्धपुर की वृहद गोशाला में पांच में से तीन पशुओं की मौत भूख से, दो की कमजोरी और आयु की अधिकता से हुई है। शवों के पोस्टमॉर्टम में इसकी पुष्टि हुई है। पशुओं के चारे के लिए मिली धनराशि का ग्राम पंचायत ने बंदरबाट कर लिया है। मामले में प्रधान समेत नौ के विरुद्ध अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है।

Trending Videos


प्रधान और केयर टेकर गोशाला छोड़कर भाग गए हैं। सीडीओ ने गोशाला के नोडल अधिकारी समेत चार को नोटिस जारी किया है। गोशाला का संचालन श्री खाटू श्याम गोसेवा समिति के हवाले किया गया है। ग्राम विकास अधिकारी शिप्रा सिंह की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में भी पशुओं को चारा नहीं दिए व चारे के लिए ग्राम पंचायत को मिली धनराशि का बंदरबाट करने का जिक्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीडीओ देवयानी ने बताया कि गोशाला में संरक्षित पशुओं की दुर्दशा के जिम्मेदार नोडल अधिकारी मंडी परिषद के डिप्टी डॉयरेक्टर डॉ. विश्वेंद्र कुमार, बीडीओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय वर्मा और ग्राम विकास अधिकारी शिप्रा सिंह को नोटिस जारी किया गया है। 

पशुपालन एवं चिकित्सा निदेशालय को भेजी गई जांच रिपोर्ट 
बीडीओ और डिप्टी सीवीओ की संयुक्त जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बृहस्पतिवार शाम को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय ने बताया कि गोशाला में 365 गोवंश संरक्षित थे। इनमें से पांच पशु मर गए हैं। गोशाला में ही सिक वार्ड बनाकर बीमार दो पशुओं को शिफ्ट कराया है। गोशाला में बहुत अधिक गंदगी थी। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार दोपहर तक सफाई कराई गई है। पशुओं के चारे और चिकित्सा की व्यवस्था कराई है। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पशुपालन एवं चिकित्सा निदेशालय को भेजी है।

सीवीओ ने बताया कि इस गोशाला के लिए ग्राम पंचायत को हर महीने 5.70 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत ने पशुओं को चारा न देकर और रकम कहां खर्च की, इसकी भी जांच कराई जा रही है। जांच अधिकारी/मझगवां बीडीओ डॉ. सुनील वर्मा ने बताया कि गोशाला में अव्यवस्था के लिए प्रधान और सचिव ही जिम्मेदार हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है। 

गोशाला के नोडल अधिकारी मंडी समिति के डिप्टी डॉयरेक्टर ने बताया कि पशुओं के मरने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। 29 दिसंबर को निरीक्षण में में गोशाला में हरा हरा चारा नहीं पाया गया था। गंदगी बहुत थी। सीवीओ को जांच रिपोर्ट भेजी थी।

प्रधान, उसके पति और केयर टेकरों को ठहराया जिम्मेदार
पंचायत सचिव शिप्रा सिंह ने प्रभारी निरीक्षक को बताया है कि वह बुधवार शाम चार बजे साथी सचिव हेमंत श्याम के साथ गोशाला का निरीक्षण करने पहुंची थीं। गोशाला में चारे और देखभाल के अभाव में चार पशु मृत मिले थे। इसके लिए उन्होंने प्रधान रचना देवी, उसके पति दिनेश कुमार के साथ ही सात केयर टेकरों को जिम्मेदार ठहराया है।

सीडीओ देवयानी ने बताया कि बीडीओ, पशु चिकित्साधिकारी, पंचायत सचिव और गोशाला के नोडल अधिकारी को नोटिस दिया है। जवाब नहीं मिलने या संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई करेंगे। प्रधान व उसके साथियों के विरुद्ध एफआईआर कराई है। अभी किसी भी कार्मिक को इस मामले में निलंबित नहीं किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed