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ढालू के एनकाउंटर की कहानी: गैंग संग किसान के घर डाला था डाका, बड़ा सवाल-पीछा करते हुए सीने में कैसे लगी गोली?

Thu, 02 Jul 2026 11:06 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 02 Jul 2026 11:06 AM IST
सार

बदायूं के सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बुधवार रात नौ बजे हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू (38) को ढेर कर दिया। इस दाैरान गोली लगने से दरोगा नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी भी घायल हुए हैं। 

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Dacoit Jitendra alias Dhalu killed in a police encounter in Badaun
Dacoit Jitendra alias Dhalu killed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बदायूं में बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू ने अपने गैंग के साथ मई में इस्लामनगर थाना क्षेत्र के किसान निजाकत के घर डकैती डाली। बदमाशों ने किसान के घर दो घंटे तक आतंक मचाया था। जितेंद्र ने गैंग के सात हथियारबंद बदमाशों के साथ परिवार को बंधक बनाकर करीब 19 लाख रुपये की डकैती की थी। विरोध करने पर महिलाओं समेत परिवार के छह लोगों को तमंचों की बट और लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा था।
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बदमाशों ने एक साल के मासूम को गन प्वाइंट पर लेकर घर में तांडव किया था। डकैती की इस वारदात को पुलिस ने लूट में दर्ज किया था। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के मुढ़िया गांव निवासी किसान निजाकत इस्लामनगर कस्बे में बिल्सी-बिसौली मार्ग पर कोल्ड स्टोर के पीछे मकान बनाकर परिवार के साथ रहने लगे थे।
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18-19 मई की देर रात बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे। बदमाशों ने सबसे पहले आंगन में सो रहे निजाकत को दबोचकर तमंचे की बट और लाठी-डंडों से पीटा था। बदमाशों के पीटने पर उनकी चीख सुनकर जागी पुत्रवधू फिजा को भी पीटा था। बदमाशों ने एक वर्षीय बेटे अली रजा को गन प्वाइंट पर लेकर पूरे घर में लूटपाट की थी। 
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घर में मौजूद निजाकत की पत्नी मिस्किन, बेटी शबनम, छोटे भाई की पत्नी नाजिश, 16 वर्षीय अल्तमश को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। बदमाशों ने सभी के हाथ-पैर बांधे थे। करीब आठ तोला सोने के जेवर, ढाई से तीन किलो चांदी और सवा लाख रुपये की डकैती डाली थी।

दरोगा-सिपाहियों ने की मीडिया कर्मियों के मोबाइल व कैमरे छीनने की कोशिश
बुधवार देर रात करीब दस बजे मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए डकैत जितेंद्र को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। जैसे ही पुलिस टीम आरोपी को जीप से ले जा रही थी, उसी दौरान वहां मौजूद मीडिया कर्मी मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, तभी दरोगा व सिपाहियों ने विरोध जताते हुए मीडिया कर्मियों के मोबाइल छीनने की कोशिश की। इससे मीडिया कर्मियों और सिपाहियों के बीच नोकझोंक भी हुई। मीडिया कर्मियों की नाराजगी के बाद एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने खेद जताया।

लाखों की ज्वैलरी भी बरामद, शिनाख्त के प्रयास शुरू
एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि बदमाश के कब्जे से पिस्टल, एक तमंचा और ढेरों कारतूस के अलावा ज्वैलरी भी बरामद की गई है। अपाचे बाइक भी बरामद की गई है। लाखों की ज्वैलरी की शिनाख्त कराई जा रही है।

 

एक दर्जन से अधिक दर्ज हैं मुकदमे
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश जितेंद्र के ऊपर नोएडा, दनकौर, अमरोहा, बदायूं सहित कई जनपदों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बदमाश जितेंद्र के ऊपर डकैती कांड के बाद एसएसपी बदायूं ने 25000 रुपये का इनाम घोषित किया था, उसके बाद डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

 

पुलिस के कब्जे में रही इमरजेंसी, मरीजों को एक घंटे करना पड़ा इंतजार
मुठभेड़ में ढेर हुए बदमाश को जिला अस्पताल लाने से पहले ही पूरा परिसर छावनी में तब्दील कर दिया था। जैसे ही बदमाश को लेकर पुलिस टीम अस्पताल परिसर में पहुंची पुलिस ने इमरजेंसी को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिस ने इमरजेंसी से किसी को अंदर या बाहर जाने नहीं दिया।

पहरा सख्त होने की वजह से दो मरीज भी अंदर नहीं जा पाए। करीब एक घंटे तक सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से अस्पताल पहुंची युवती और मारपीट में घायल मरीज को इमरजेंसी के बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ा।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बिल्सी मोड़, नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि के पास रात नौ बजे हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस अधिकारी बदमाश को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकले भी नहीं थे कि उससे पहले ही जिला अस्पताल में पुलिस फोर्स पहुंच गई। सीओ उझानी, कोतवाली इंस्पेक्टर, उझानी इंस्पेक्टर दलबल के साथ पहुंच गए थे। उस वक्त तक कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था।

डॉक्टरों को भी नहीं मालूम कि इतनी फोर्स अस्पताल में क्यों पहुंची है। पुलिस को देखकर मरीज और उनके तीमारदार असहज हो रहे थे। करीब दस बजे बदमाश जितेंद्र को लेकर पुलिस टीम पहुंची। उसके बाद पुलिस ने इमरजेंसी को अपने कब्जे में कर लिया।

दोनों गेट बंद कर दिए गए। उस वक्त इमरजेंसी में एक मरीज भर्ती था। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने घायल दरोगा व सिपाही का इलाज शुरू किया। देर रात करीब 11 बजे एसएसपी अंकिता शर्मा अस्पताल पहुंचीं।

 

इसके बाद डॉक्टरों ने बदमाश जितेंद्र को मृत घोषित किया। वहीं, दस बजे अस्पताल पहुंची युवती को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। उसके साथ युवती की मां और पिता भी साथ थे। वे युवती को अंदर ले जाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इसी दौरान मारपीट में घायल भी वहां पहुंचा, उसे भी रोक दिया था।
 

मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी ढालू ढेर
बदायूं के सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बुधवार रात नौ बजे हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू (38) को ढेर कर दिया। इस दाैरान गोली लगने से दरोगा नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। डकैत के पास से एक .32 बोर की पिस्टल और तमंचा बरामद हुआ है।

एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस बुधवार रात नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि (बिल्सी मोड़) के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार को जब रुकने का इशारा किया, तो उसने रफ्तार बढ़ाकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

 

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के सीने पर गोली लगी और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वहीं, पुलिस टीम के दरोगा नीरज और सिपाही अविनाश भी गोली लगने से जख्मी हो गए। तीनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जितेंद्र उर्फ ढालू को मृत घोषित कर दिया।

मारा गया डकैत मूल रूप से हापुड़ के धौलाना का रहने वाला था और वर्तमान में ठिकाना बदलकर संभल में रह रहा था। वह 18-19 मई की रात इस्लामनगर में निजाकत के घर हुई डकैती का प्रमुख साजिशकर्ता था।

 

घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अमरोहा, नोएडा सहित कई जनपदों में आरोपी के खिलाफ दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं। उसके पास से ज्वेलरी भी बरामद हुई है। 
 

सवालः सीने पर कैसे लगी गोली 
एनकाउंटर में आरोपी को सीने पर बायीं ओर गोली लगी है। पुलिस की ओर से दिए गए घटनाक्रम के ब्योरे पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीछा करते हुए सीने पर गोली कैसे लगी, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।  

 

आगे निकल जाने या मुड़कर भागने की सूरत में गोली सीधे सीने पर लगना मुश्किल है। मुठभेड़ के बाद काफी देर तक इसे छुपाए रखा गया। मीडियाकर्मियों को भी घटनास्थल पर नहीं जाने दिया गया। इस सवाल पर एसएसपी ने बताया कि उसकी बाइक फिसल गई थी। टीम से घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है।
 

ऐसे बढ़ा था इनाम 
इस्लामनगर डकैती कांड में सात आरोपी पहले ही जेल जा चुके थे, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता ढालू पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। उसकी घेराबंदी के लिए पहले एसएसपी बदायूं ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी बढ़ती आपराधिक सक्रियता को देखते हुए डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी थी। 
 

चेकिंग के दौरान रुकने का इशारा करने पर ढालू ने बिना मौका दिए ही पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में उसके सीने पर गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विधिक कार्रवाई की जा रही है। -अंकिता शर्मा, एसएसपी
 
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