UP: बरेली में इन इलाकों में सबसे ज्यादा होती है बिजली चोरी, सीएम की सख्ती के बाद अब चलेगा अभियान
बरेली जिले में बिजली चोरी से हर साल विद्युत निगम को 15.72 करोड़ रुपये की चपत लग रही है। विद्युत निगम अब ऐसे इलाकों को चिह्नित कर रहा है, जहां सबसे ज्यादा लाइन लॉस है। इनमें बानखाना और सिकलापुर मोहल्ले सबसे आगे हैं।
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बरेली जिले में बिजली चोरी विद्युत निगम के लिए चुनौती बन गई है। सबसे अधिक लाइन लॉस बानखाना व सिकलापुर में दर्ज किया जा रहा है। यानी सबसे ज्यादा बिजली चोरी इन्हीं दो मोहल्लों में हो रही है। किला, कुतबखाना, हरूनगला, सुभाषनगर और कोहाड़ापीर उपकेंद्रों पर 50 फीसदी तक लाइन लॉस दर्ज किया जा रहा है। इससे ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग बढ़ गई है। विद्युत निगम के अनुसार, जिले में सालाना 15.72 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में बिजली खपत और उसके होने वाली आय में काफी अंतर सामने आया है। इसे लाइन लॉस या बिजली चोरी के रूप में दर्ज किया जा रहा है। यदि इस अंतर को 30 दिनों में बांटा जाए तो प्रतिदिन करीब 4.39 लाख रुपये की बिजली का हिसाब निगम के पास नहीं पहुंच सका। बिजली चोरी व अवैध कनेक्शनों के कारण फीडरों और ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग बढ़ जाती है। इससे ट्रिपिंग, फॉल्ट और अचानक बिजली कटौती की समस्या और गंभीर हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
मंगलवार को सर्किट हाउस में समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी बिजली कटौती का मुद्दा उठा था। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने शहर के पांच प्रमुख उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग व बिजली चोरी की बात बताई तो सीएम ने इस पर नाराजगी भी जाहिर की थी।
यहां सबसे ज्यादा चोरी
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली चोरी बानखाना में हो रही है। यहां 60 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है। सिकलापुर में 53, बाकरगंज में 47, किला में 45, खन्नू मोहल्ला में 44, निजाम नगर में 43, कालीबाड़ी में 41 फीसदी लाइन लॉस है। उपकेंद्रवार देखें तो किला, कुतुबखाना, हरूनगला, सुभाषनगर, कोहाड़ापीर उपकेंद्र में सबसे अधिक लाइन लॉस हो रहा है। राजेंद्रनगर, डेलापीर, डीडीपुरम, सिविल लाइंस प्रथम व द्वितीय, रामपुर गार्डन उपकेंद्र जीरो लाइन लॉस वाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक लाइन लॉस सिरौली, पडेरा, मनपुरा, भुता, क्योलड़िया, कुआडांडा में है।
सबसे अधिक राजस्व देने वाले भी झेल रहे कटौती
विद्युत निगम के मुताबिक, जिले में सबसे अधिक राजस्व औद्योगिक फीडरों से मिलता है। घरेलू उपभोक्ताओं में सबसे अधिक व समय से राजस्व सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर क्षेत्र से मिलता है। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में लोगों को लोकल फॉल्ट व ट्रिपिंग की समस्या झेलनी पड़ रही है।
डेढ़ साल में 15 से ज्यादा अवैध चार्जिंग स्टेशन पकड़े
विद्युत निगम की ओर से शहरी क्षेत्र में डेढ़ वर्षों में 15 से ज्यादा अवैध चार्जिंग स्टेशन पकड़े गए। पुराना शहर, किला, बाकरगंज, बानखाना क्षेत्र में सबसे अधिक ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर कार्रवाई की गई। वहीं घरों में भी लोग ई-रिक्शा चार्ज करते मिले।
लाइन लॉस का वर्षवार आंकड़ा
2023: 38 से 45 फीसदी
2024: 18.71 फीसदी
2025: 16.39 फीसदी
2026: 15.91 फीसदी (इस माह तक)
विद्युत वितरण खंड प्रथम के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जिन जगहों पर लाइन लॉस हो रहा है, उसकी वजह बिजली चोरी है। इसके चलते ओवरलोडिंग भी अधिक है। ऐसे इलाकों को चिह्नित कर अभियान चलाया जा रहा है।