Bareilly News: सराफा कारोबारी के प्रतिष्ठान और आवास पर डीआरआई का छापा, देर रात तक जारी रही कार्रवाई
बरेली में डीआरआई की टीम ने मंगलवार को सराफा कारोबारी गणेश सावंत के प्रतिष्ठान और आवास पर छापा मारा। लखनऊ से पहुंची टीम ने जांच शुरू कर मोबाइल फोन कब्जे में लिए। देर रात तक कार्रवाई जारी रही।
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बरेली में करीब एक साल बाद एक बार फिर साहूकारा के सराफा कारोबारी के प्रतिष्ठान और आवास पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने छापा मारा। मंगलवार दोपहर लखनऊ से पहुंची आठ सदस्यीय टीम ने कारोबारी के प्रतिष्ठान और आवास पर एक साथ जांच शुरू की। टीम ने पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और दोनों स्थानों के गेट बंद करा दिए। देर रात तक जांच जारी रहने की सूचना थी।
जानकारी के मुताबिक, डीआरआई की दो टीमें मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बरेली पहुंचीं। चार-चार सदस्यों वाली एक टीम ने साहूकारा स्थित सराफा कारोबारी गणेश सावंत के प्रतिष्ठान शंकरराव मराठा एंड संस (हाथीवाले) पर कार्रवाई शुरू की, जबकि दूसरी टीम उनके आवास पर पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई की जानकारी फैलते ही साहूकारा के सराफा बाजार में हलचल मच गई।
कई कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर वहां से चले गए, जबकि कुछ कारोबारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। देर रात तक डीआरआई की टीम के शहर में किसी अन्य कारोबारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचने की जानकारी नहीं मिली। कार्रवाई के दौरान टीम ने क्या-क्या दस्तावेज या सामान अपने कब्जे में लिया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पिछले साल भी हुई थी जांच
बताया जाता है कि डीआरआई की टीम पिछले वर्ष भी इसी प्रतिष्ठान पर जांच के लिए पहुंची थी। उस समय दिनभर की कार्रवाई के बाद टीम कारोबारी को अपने साथ लखनऊ ले गई थी। हालांकि उस कार्रवाई में क्या सामने आया और पूछताछ में क्या जानकारी मिली, इसका कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया था। मंगलवार को दोबारा कार्रवाई की खबर फैलने के बाद सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कारोबारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन बंद मिले।
बाजार में कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।कारोबारी सोने-चांदी के आभूषण और रत्नों के कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं। हालांकि डीआरआई की कार्रवाई किस मामले में की गई है और जांच के पीछे क्या वजह है, इसकी आधिकारिक पुष्टि देर रात तक नहीं हो सकी। टीम की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और उसके निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है।