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Bareilly News: फर्जी आईएएस विप्रा ने कोर्ट के सेवानिवृत्त कर्मचारी से की थी ठगी
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बरेली। फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा ने न्यायालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी से उनके पुत्रों की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी की थी। बारादरी थाने में विप्रा और उसके पिता सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र शर्मा पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अशोक विहार निवासी राधेश्याम ने मामला दर्ज कराया कि वह बरेली जिला न्यायालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। नौकरी के दौरान राधेश्याम की पहचान सिंचाई विभाग के प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र शर्मा से हुई। वीरेंद्र ने बताया कि उसकी पुत्री डॉ. विप्रा लखनऊ सचिवालय में आईएएस अधिकारी है।
अगर कोई लड़का नौकरी करने लायक हो तो विप्रा उसकी सरकारी नौकरी लगवा देगी। 2022 में वीरेंद्र ने ग्रीन पार्क स्थित घर बुलाकर विप्रा से मिलवाया। विप्रा ने दस लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा।
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राधेश्याम ने सात लाख रुपये व अपने पुत्रों के शैक्षिक प्रमाणपत्र विप्रा को दिए। बाद में दोस्त के जरिये तीन लाख रुपये और दिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र घर भेजे गए। जब राधेश्याम तैनाती स्थल पर गए तो धोखाधड़ी के बारे में पता चला। जब विप्रा और वीरेंद्र से रुपये लौटाने को कहा तो उन्होंने दो लाख रुपये लौटा दिए। आठ लाख रुपये नहीं लौटा पाए। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
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अशोक विहार निवासी राधेश्याम ने मामला दर्ज कराया कि वह बरेली जिला न्यायालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। नौकरी के दौरान राधेश्याम की पहचान सिंचाई विभाग के प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र शर्मा से हुई। वीरेंद्र ने बताया कि उसकी पुत्री डॉ. विप्रा लखनऊ सचिवालय में आईएएस अधिकारी है।
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अगर कोई लड़का नौकरी करने लायक हो तो विप्रा उसकी सरकारी नौकरी लगवा देगी। 2022 में वीरेंद्र ने ग्रीन पार्क स्थित घर बुलाकर विप्रा से मिलवाया। विप्रा ने दस लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा।
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राधेश्याम ने सात लाख रुपये व अपने पुत्रों के शैक्षिक प्रमाणपत्र विप्रा को दिए। बाद में दोस्त के जरिये तीन लाख रुपये और दिए। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र घर भेजे गए। जब राधेश्याम तैनाती स्थल पर गए तो धोखाधड़ी के बारे में पता चला। जब विप्रा और वीरेंद्र से रुपये लौटाने को कहा तो उन्होंने दो लाख रुपये लौटा दिए। आठ लाख रुपये नहीं लौटा पाए। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।