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Bareilly News: एससी-एसटी एक्ट के आरोपी पिता-पुत्र दोषमुक्त

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 18 Jun 2026 01:34 AM IST
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Father-son accused of SC-ST Act acquitted
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बरेली। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने इज्जत नगर थाना क्षेत्र की एलआईसी कॉलोनी खंडेलवाल नगर निवासी प्रदीप शुक्ला और उनके बेटे सुमित शुक्ला को मंगलवार को हमला करने, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया।

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक विनोद कुमार ने आरोप लगाया था कि छह नवंबर 2022 की शाम पांच बजे वह पीलीभीत बाइपास से सब्जी खरीदने जा रहे थे। प्रदीप शुक्ला और सुमित शुक्ला ने उनको रोक लिया। उन पर हमला किया और धमकी देते हुए जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। विनोद की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
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तीन मार्च 2023 को कोर्ट ने मामला दर्ज कर लिया और 25 अप्रैल 2024 को आरोपियों को तलब किया। इसके बाद मामले में सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष आरोप सिद्ध नहीं कर सका।
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आंबेडकर प्रतिमा को क्षति पहुंचाने, अपमानित करने के मामले में वाद दर्ज
बरेली। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने भुता थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया हजारी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने, बेइज्जत करने और विरोध करने वाले ग्रामीण को जान से मारने की धमकी देने के मामले में गांव के ही विजय शर्मा के खिलाफ वाद दायर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए 29 जून की तिथि तय की है।
भुता थाना क्षेत्र के गुलड़िया हजारी गांव अरविंद कुमार ने कोर्ट में बीएनएसएस की धारा 173 (4) के तहत अर्जी देकर बताया था कि गांव में लोगों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाई थी। गांव के विजय शर्मा ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। उसने इसका विरोध किया।

26 अप्रैल को वह शादी समारोह में जा रहा था। रास्ते में विजय ने रोक लिया। जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, लेकिन कारतूस मिस हो गया। उसने थाने से लेकर एसएसपी और मुख्यमंत्री तक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
ठगी के आरोपी गुजरात के व्यापारी की जमानत याचिका खारिज
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने 49.21 लाख रुपये ठगी के आरोपी गुजरात के जिला देवभूमि के थाना भाणवद के उमियाजी पार्क निवासी विमल पटेल उर्फ विमल पडालिया की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विवेक विहार जनकपुरी निवासी सुधा गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी फर्म पान मसाला में इस्तेमाल होने वाली छाली-सुपारी का व्यापार करती है। उन्होंने विवेक पटेल से माल खरीदा था। पहले तो वह समय से माल भेजता रहा और बाद में रुपये लेने के बाद भी सप्लाई बंद कर दी। उसने 49.21 लाख रुपये चेक के जरिए लेने के बाद भी माल नहीं भेजा। रुपये मांगने पर धमकी दी। आरोपी ने वकील के जरिए कोर्ट से कहा कि वह 17 मई से जेल में है। उसे झूठा फंसाया गया है। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया और कहा कि आरोपी गवाहों को धमका सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
एनडीपीएस एक्ट के दो आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त

बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने एनडीपीए एक्ट के आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी अमजद खां और पीलीभीत के गांव घंघेरा करेली निवासी सलमान की जमानत याचिका मंगलवार को निरस्त कर दी है। इज्जतनगर थाना पुलिस ने 18 अप्रैल को चेकिंग के दौरान लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर पेट्रोल पंप के पास एक कैंटर वाहन पकड़ा था। इसमें 92 किलो से ज्यादा गांजा मिला। आरोपी कैंटर में भरे गांजा को ऑटो में रख रहे थे। मौके से अमजद और असलम को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी जेल में हैं। उन्होंने वकील के जरिये जमानत को याचिका दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया है।
दहेज हत्या में आरोपी सास की जमानत याचिका निरस्त



बरेली। न्यायालय सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने दहेज हत्या में आरोपी सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति विहार निवासी पूजा मंडलन की जमानत याचिका मंगलवार को निरस्त कर दी है। सुभाषनगर थाने में कोमल मिश्रा के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कोमल को शांति विहार निवासी अमित बहला-फुसला कर ले गया और उससे एक नवंबर 2025 को शादी कर ली। शादी के बाद से कोमल को पति अमित, ससुर दीपक और सास पूजा दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। 18 मई को कोमल की हत्या कर दी। तीनों आरोपी जेल में हैं। मृतका की सास पूजा ने वकील के जरिये जमानत अर्जी देकर बताया कि कोमल ब्राह्मण थी और वह पिछड़ा वर्ग से है। शादी के बाद कोमल के मायके वाले अक्सर उसके घर आकर धमकाया करते थे। इससे कोमल मानसिक तनाव में थी और उसने खुदकुशी कर ली। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
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