एचपीसीएल हत्याकांड: बदायूं में आरोपी अजय के ताऊ पर भी कसा शिकंजा, 27 अवैध दुकानों पर बेदखली के लिए मुकदमा
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्या करने के आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह पर भी प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। राकेश ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानें बना रखी हैं। इस मामले में तहसील प्रशासन ने बेदखली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह की सील की गईं 27 अवैध दुकानों के मामले में तहसीलदार कोर्ट में बेदखली के लिए वाद दायर कराया गया है। दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र सिंह की ओर से यह मुकदमा दायर हुआ है। राकेश ने ग्राम समाज की जमीन पर ये दुकानें बनाई हैं। वाद दायर कराने के साथ ही 45 लाख 57 हजार रुपये की वसूली के लिए आरसी भी एसडीएम कोर्ट ने जारी की है।
पिछले दिनों प्रशासन ने हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह की छह और राकेश सिंह की पांच दुकानों को गिरा दिया था। यह सभी दुकानें हजरतपुर मार्ग किनारे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई थीं। राकेश ने ग्राम समाज की जमीन पर भी 27 दुकानें बनवा ली थीं। इससे वह हर महीने 70 हजार रुपये किराया वसूलता था।
तहसील प्रशासन इन 27 दुकानों को सील कर अतिक्रमण हटाने के लिए पहले ही नोटिस चस्पा कर चुका है। अब शुक्रवार को वाद दायर करने के साथ आरसी जारी हुई है। एसडीएम ने कहा कि एक माह में यदि आरसी की रकम जमा नहीं की गई तो जेल भी भेजने का प्रावधान है। साथ ही वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की कार्रवाई भी हो सकती है।
आरोपी की संपत्ति की जांच भी शुरू
तहसील प्रशासन की टीम सैंजनी गांव में आरोपी अजय प्रताप सिंह, उसके ताऊ व अन्य परिजनों की जमीन, मकान, दुकान व घर आदि सबकी जांच कर रही है। अभी तक की जांच में ग्राम समाज की भूमि पर दुकानें बनना, सरकारी भूमि पर कब्जा कर जबरन खेती करने समेत कई बिंदु सामने आ चुके है। इसके साथ ही आरोपी व उसके परिवार की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी गई है। इस संपत्ति में इस्तेमाल रकम कहां से लाई गई, इसकी जांच होगी।
अवैध बाजार से हर माह हो रही थी तीन लाख की कमाई
आरोपी के परिवारीजन गांव के पास ही सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से सप्ताह में दो दिन बाजार लगवाकर वहां के व्यापारियों से तहबाजारी वसूलते थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने बाजार बंद करवाने के साथ ही पैमाइश के बाद उस भूमि को कब्जे में ले लिया है। सूत्र बताते है कि इस तहबाजारी से हर माह करीब तीन लाख की कमाई हो रही थी। लेकिन अधिकारिक तौर पर इन बातों की पुष्टि नहीं की जा रही है।
आरोपी के ताऊ ने यात्री शेड तुड़वाकर भी बनवाई थीं दुकानें
आरोपी अजय प्रताप व उसके परिवार का इतना रौब था कि गांव के बाहर सड़क किनारे बने यात्री शेड को तोड़कर भी इन लोगों ने दुकानों का निर्माण करवा लिया था। अब जब तहसील की टीमों ने जांच तेज की है तो हर दिन परत दर परत नया खुलासा हो रहा है। हालांकि इस परिवार का जहां भी अवैध कब्जा मिल रहा है, उस मामले में कार्रवाई हो रही है।
सैंजनी गांव में म्याऊ रोड पर यात्री टिन शेड बनाया गया था। गांव के कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार ने इस यात्री शेड को तोड़कर वहां दुकानें बनवा ली थीं। इसके अलावा आसपास की ग्राम समाज की भूमि पर भी इन लोगों ने कब्जा कर रखा है जो अब तहसील प्रशासन की जांच में सामने आ रहा है।
इस मामले में मूसाझाग थाने में दर्ज केस में जल्द ही कई आरोपियों के नाम बढ़ाए जा सकते है। मृतक सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा के परिवारीजनो ने जो बंद लिफाफा व साक्ष्य पुलिस- प्रशासन को दिए है, उनकी भी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने बताया पुलिस की जांच जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्लांट पर पसरा रहा सन्नाटा
एचपीसीएल प्लांट पर शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। यहां पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है। प्लांट के बाहर पुलिस व पीएसी का पहरा है। जबकि यहां के कर्मचारी भाग गए है। अब कर्मचारियों को दोबारा लाना कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण है। इस वारदात के बाद यहां आसपास इलाके में डर का माहौल है। इसी के चलते मजदूर-कर्मचारी लौटने से कतरा रहे हैं।
आरोपी अजय की पत्नी व भाभी को सरकारी आवास की होगी जांच
हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह की पत्नी अर्चना और उसकी भाभी रेनू को पीएम आवास ग्रामीण योजना का लाभ दिए जाने की मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तरीय टीम की गठित की गई है। जांच के बाद आरोपी के परिजनों से रुपयों की रिकवरी के साथ इस मामले में दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।