UP News: नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल हुई एचपीवी वैक्सीन, बरेली जिले ने हासिल किया पहला स्थान
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को एचपीवी वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। बरेली में 11 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाकर इसकी शुरुआत हुई। इसके साथ ही एचपीवी वैक्सीन नियमित टीकाकरण में शामिल हो गई।
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किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन माध्यम से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन का औपचारिक शुभारंभ किया। बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में विशेष टीकाकरण शिविर लगाया गया, जिसमें 11 किशोरियों को टीका लगाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि अब यह टीका हर बुधवार और शनिवार को नियमित सत्रों के दौरान पात्र किशोरियों को निशुल्क लगाया जाएगा। इसके शुरू होने से किशोरियों को विशेष अभियान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे वर्षभर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगी। मार्च से अब तक जिले में 14 वर्ष तक की 25,053 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि कुल लक्ष्य 55,336 है।
इस प्रकार 45.3 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर बरेली प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है, जो कि राज्य के औसत 27.7 प्रतिशत से काफी अधिक है। हालांकि, भदपुरा, नवाबगंज, बहेड़ी, शेरगढ़ और बरेली अर्बन में कवरेज अभी कम है, जिस कारण इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में छूटी हुई किशोरियों की पहचान के लिए स्कूल आधारित गतिविधियों और समुदाय स्तर पर जागरूकता को बढ़ाया जाएगा।
अगस्त तक शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं, सीएचओ और एएनएम के माध्यम से सर्वे कर लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी तथा 5 से 10 अगस्त के बीच यू-विन पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। साथ ही दैनिक समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और 14 वर्ष तक की किशोरियों के लिए यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह टीका माहवारी के दौरान या सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी स्थिति में भी चिकित्सकीय सलाह से लगाया जा सकता है। प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए समय पर टीका अवश्य लगवाएं।