दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं- उपाधि और पदक बता रहे, रुहेलखंड में आगे बढ़ रहीं बेटियां
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह से जुड़ीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया। राज्यपाल ने कहा कि उपाधि और पदक बता रहे हैं कि रुहेलखंड में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। छात्रों को निरंतर उन्नति करने का संदेश दिया।
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बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को राजभवन से ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने और समाज कल्याण में योगदान देने का संदेश दिया। दीक्षांत समारोह में एक लाख से ज्यादा उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें छात्राओं की भागीदारी लगभग दोगुनी रही। राज्यपाल ने इसका जिक्र कर बेटियों के हौसले की सराहना की, लड़कों को भी निरंतर उन्नति का संदेश दिया।
राजभवन से लाइव आईं राज्यपाल ने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इस सत्र में 100631 उपाधि प्रदान की हैं। इनमें से 62 फीसदी छात्राओं को और 38 फीसदी छात्रों को मिलीं हैं। पदकों के मामले में भी छात्राओं ने बाजी मारी है। कुल 74 पदकों में से 60 पदक छात्राओं ने जीते जो 83 फीसदी हिस्सा है।
राज्यपाल ने कहा कि बेटियां शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्रों को भी रोजगार देने वाला बनने का संदेश दिया। आनंदी बेन पटेल ने सभी को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने उपाधि व पदक लेने के मामले में ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की प्रगति जानने की इच्छा जताई ताकि भविष्य के लिहाज से तैयारी की जा सके।
एचपीवी वैक्सीन अभियान पर दिया जोर
राज्यपाल ने सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता और एचपीवी वैक्सीन अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या चिंताजनक है।
उन्होंने इस वैक्सीन के महत्व पर जोर देने के साथ ही कुलपति, शिक्षकों व विद्यार्थियों की इस अभियान में सहभागिता पर जोर दिया। कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान इस विषय में चिंता जताई थी। कुछ दिन बाद ही प्रधानमंत्री ने निशुल्क वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था कर दी। इसे प्राथमिकता से तैयार किया जा रहा है, इसे लगवाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाईं, युवाओं को दी प्रेरणा
राज्यपाल ने महात्मा ज्योतिबा फुले की आदर्श शैक्षिक नीति का जिक्र करते हुए रुहेलखंड विश्वविद्यालय की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता की सराहना की। बताया कि इस विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस प्लस का दर्जा मिला हुआ है, साथ ही विश्वविद्यालय अनुसंधान आयोग द्वारा श्रेणी वन का दर्जा प्राप्त है। यहां फाउंडेशन की ओर से करीब 45 स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं।
डिजिलॉकर में अभिलेख अपलोड करने में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में छठवें और सार्वजनिक क्षेत्र के विवि में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं से जुड़कर रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के कथन 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए' का स्मरण कराया।